चीन से निपटेगा भारत, 61 सड़को का निर्माण जल्द होगा पूरा

Edited by: Web_team Updated: 21 Aug 2017 | 09:58 AM
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नई दिल्ली। डोकलाम विवाद में चीन के आक्रामक रुख को देखते हुए भारत ने सीमा पर तैयारी तेज कर दी है। रक्षा मंत्रालय ने भारत-चीन सीमा से सटी सड़कों के प्रोजेक्टों को तेजी से पूरा करने के लिए बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) को अतिरिक्त प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां हस्तांतरित कर दी हैं।

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की ओर से भारत-चीन सीमा सड़क प्रोजेक्ट में देरी को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। सीमा से सटे इलाकों पर सड़क निर्माण कार्य बीआरओ ही करता है। भारत-चीन सीमा सड़क परियोजना के तहत सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 61 सड़कें बनाई जा रही हैं, जिनकी कुल लंबाई 3,409 किमी है।

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परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से लेकर धन मुहैया कराने में पैदा होने वाली बाधाएं खत्म हो जाएंगी, ताकि चीन की सीमा से सटी सड़कों का निर्माण कार्य जल्द पूरा हो जाएं। इनके चलते सीमा क्षेत्र की सड़क परियोजना को पूरा करने में काफी देरी हो रही थी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सरकार ने बीआरओ को अतिरिक्त प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां हस्तांतरित की हैं।

अब बीआरओ डायरेक्टर जनरल 100 करोड़ रुपए कीमत के निर्माण कार्य के लिए जरूरी स्वदेशी और आयातित मशीनरी और उपकरण खरीद सकेंगे। बता दें कि इससे पहले डायरेक्टर जनरल क 7.5 करोड़ रुपए कीमत के स्वदेशी उपकरण और तीन करोड़ रुपए के आयातित उपकरण ही खरीद सकते थे। इसके साथ ही रक्षा मंत्रालय ने उस पॉलिसी गाइडलाइंस को भी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने के लिए बीआरओ बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों से हाथ मिला सकेगा।

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बीआरओ को अतिरिक्त शक्तियां मिलने से अब चीन सीमा से सटे इलाकों में सड़क निर्माण का कार्य तेज गति से होगा। चीन लगातार धमकियां दे रहा है। ऐसे में सीमा की सुरक्षा बेहद अहम हो गई है। यही कारण है कि भारत जल्द से जल्द चीन की सीमा से सटी सड़कों का निर्माण करने के लिए अहम कदम उठा रहा है।