इराक ने आईएस से युद्ध का किया ऐलान

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-10-18 09:17:18
इराक ने आईएस से युद्ध का किया ऐलान

नई दिल्ली। इराकी पीएम ने युद्ध का ऐलान किया है। सोमवार की सुबह से कुर्द सेना ने आईएस के कब्जे वाले शहर मोसुल के पूर्वी क्षेत्र की तरफ कूच शुरू कर दिया है। इराक के इस दूसरे सबसे बड़े शहर पर पिछले दो वर्षों से आईएस का कब्जा है। 4000 कुर्द जवान 10 गांवों पर दुबारा कब्जे को लेकर ऑपरेशन शुरू कर चुके हैं। इस युद्ध की शुरूआत में करीब 30,000 इराकी व कुर्द सैनिकों को अमेरिका ने युद्धक विमानों व हवाई हमलों का सहयोग दिया है।

ऑपरेशन शुरू होने के घंटे भर में इराकी प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी ने सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा कि ‘मोसुल की फतह का वक्त आ गया है और इस शहर को आजाद कराने के लिए कार्रवाई शुरू हो गई है।’ उन्होंने कहा कि ‘आज मैं ऐलान करता हूं कि फतह की यह कार्रवाई आतंकी हिंसा से मुक्ति दिलाएगी।’ अमेरिकी रक्षा सचिव एश्टन कार्टर ने कहा कि ‘मोसुल को आईएस के कब्जे से छुड़ाने के लिए चलाया जा रहा अभियान इस जिहादी समूह को हराने की दिशा में बड़ा कदम है।’ उन्होंने कहा कि ‘इस्लामिक स्टेट को परास्त करने के लिए यह एक निर्णायक क्षण है।’

रविवार देर रात से ही सैन्य वाहनों को कई एंबुलेंसों के साथ कुर्द के अधिकार क्षेत्र वाले इरबिल के पश्चिम की तरफ कूच कराया गया। यह ऑपरेशन सोमवार को कुर्द फौज ‘पेशमरगा’ के टैंकों, ट्रकों के साथ मोसुल की तरफ आधुनिक हथियारों को तानते हुए चंद्रमा की रोशनी में शुरू हुआ। युद्ध के पहले चरण में मित्र देशों की सेना मोसुल शहर को चारों तरफ से घेर लेगी और आईएस के लड़ाकों को पश्चिमी सीरिया भागने से रोकने की कोशिश करेगी। इसके बाद आतंक रोधी बल यहां लड़ रही सेना के साथ जुड़ जाएगा और मोसुल पर जमीनी कब्जे की कार्रवाई करेगा।

मोसुल शहर में सुन्नी समुदाय बहुसंख्यक है, जबकि यहां शिया और ईसाई भी जून 2014 से पहले तक निवास करते थे। यहां आईएस सरगना अबू अल बकर बगदादी द्वारा कब्जे की घोषणा के बाद इराकी सेना ने हथियार डाल दिए थे, जिन्हें अमेरिका द्वारा अरबों डॉलर की मदद दी जा रही थी। इराकी सैनिकों के भाग जाने के बाद पिछले दो वर्षो में यहां आईएस ने शियाओं व ईसाईयों पर कहर बरपाया गया।

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलो व आपदा राहत महासचिव ने मोसुल को आईएस के कब्जे से छुड़ाने की शुरूआत पर नागरिकों के सिर पर मंडराने वाले खतरों के प्रति गहरी चिंता जताई है। स्टीफन ओ ब्रायन ने कहा कि मैं मोसुल में रहने वाले उन 15 लाख लोगों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हूं जो आईएस के कब्जे से शहर को मुक्त कराने की कार्रवाई में प्रभावित हो सकते हैं।

 


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