जेल अधीक्षक ने जेल की सुरक्षा पर उठाए सवाल, एसएसपी को लिखा पत्र

Edited by: Editor Updated: 30 Nov 2016 | 01:25 PM
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देहरादून। जेल अधीक्षक महेंद्र सिंह ग्वाल ने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को पत्र भेजकर सुरक्षा बढ़ाने की गुहार लगाई है। पत्र में उन्होंने आशंका जताई है कि जेल में कई कुख्यात बंद हैं, ऐसे में कभी भी नाभा जेल ब्रेक जैसी घटना हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक पत्र में सुरक्षा की बदहाली पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा है कि प्रवेश द्वार की सुरक्षा सिर्फ एक कर्मी के भरोसे है, जबकि बाहरी सुरक्षा में भी महज कुछ ही सिविल पुलिस के लोग है। पत्र में उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिला कारागार में लगभग 1300 बंदी हैं। ऐसे में उन्होंने एसएसपी से गुजारिश की है जेल के मुख्य द्वार व बाहरी सुरक्षा बढ़ाई जाए। इसके लिए पीएससी के सशस्त्र बल तैनात किए जाएं।

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मिली जानकारी के मुताबिक पत्र में जेल अधीक्षक ने कहा कि वह और जेलर राकेश शर्मा भी सुनील राठी गैंग के निशाने पर हैं। इस सबके बावजूद जेल की सुरक्षा रामभरोसे है। पहले जेल के प्रवेश द्वार पर पीएसी का सशस्त्र एक प्लाटून तैनाती रहती थी, लेकिन एक साल पहले इसे हटा दिया गया।

वहीं, पत्र में कहा गया है कि कुख्यात चीनू पंडित भी जिला कारागार में बंद हैं, इसलिए विरोधी सुनील राठी गैंग चीनू पंडित को कभी भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं।

जेल अधीक्षक ने कारागार के प्रबंधित परिसर में विजय भट्ट के रहने पर भी आपत्ति दर्ज करते हुए उसे भी वहां से हटाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि वह ऐसी स्थिति में कारागार की सुरक्षा के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।

देहरादून एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने कहा कि पंजाब की घटना के बाद पुलिस सतर्क है। जेल की सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो, इसके लिए जेल में डेढ़ प्लाटून पीएससी को तैनात किया जा रहा है।