लॉन्चिंग के तुरंत बाद क्रैश हुई नॉर्थ कोरिया की बैलिस्टिक मिसाइल, दूसरी बार मिली नाकामी

Edited by: Editor Updated: 28 Apr 2016 | 07:08 PM
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सिओल. 28 अप्रैल 2016. नॉर्थ कोरिया का बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट फेल हो गया है। एक महीने में दूसरी बार इंटरमीडिएट रेंज की 'मुसुदन' मिसाइल का टेस्ट फेल हुआ है। पड़ोसी देश साउथ कोरिया की डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, गुरुवार को मिसाइल दागी गई थी, लेकिन कुछ सेकंड बाद यह क्रैश हो गई।

कुछ ही मीटर ऊपर गई
- साउथ कोरियन मिलिट्री के एक ऑफिसर ने बताया कि ईस्ट कोस्ट सिटी वोन्सन के नजदीक से सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर मिसाइल दागी गई।
- 3,000 किलोमीटर वाली ये मिसाइल कुछ ही सेकंड में क्रैश हो गई।
- साउथ कोरिया के एक मिलिट्री ऑफिसर ने बताया, 'पिछले फेल टेस्ट के बाद उनके पास इसे सुधारने का वक्त नहीं था। लेकिन जल्दबाजी में उन्होंने फिर से टेस्ट कर दिया। शक्ति प्रदर्शन के लिए किम हड़बड़ी में कई गलतियां कर रहे हैं।'
- 6 मई को यहां वर्कर्स पार्टी कांग्रेस शुरू होने वाली है, जिसके पहले नॉर्थ लगातार मिसाइल टेस्ट कर रहा है।
- योनहैप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, साउथ कोरियन मिलिट्री राडार में मिसाइल डिटेक्ट नहीं हुई क्योंकि ये हवा में कुछ मीटर ऊंचाई तक जाते ही क्रैश हो गई।
- बता दें कि नॉर्थ कोरियन फाउंडर किम इल संग के बर्थडे (14 अप्रैल) पर भी ये मिसाइल दागी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद ये समुद्र में क्रैश हो गई थी।
- शनिवार को भी नॉर्थ कोरिया ने सबमरीन से बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट किया था।

जल्द ही पांचवां न्यूक्लियर टेस्ट कर सकता है नॉर्थ कोरिया
- साउथ कोरिया के डिफेंस मिनिस्टर ने कहा कि नॉर्थ कोरिया किसी भी टाइम न्यूक्लियर टेस्ट कर सकता है।
- "आर्मी इसके लिए सिर्फ लीडर के ऑर्डर का इंतजार कर रही है।"
- "किम जोंग उन, रूलिंग वर्कर्स पार्टी कांग्रेस के मई के सेशन में वेपन्स प्रोग्राम के अचीवमेंट्स की तारीफ कर सकते हैं।"
- बता दें कि शुक्रवार को बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट फेल हो जाने के बाद नॉर्थ कोरिया का दुनियाभर में मजाक उड़ा था।
- माना जा रहा है कि इसके बाद ही किम ने एक और न्यूक्लियर टेस्ट करने का फैसला किया है।
- योनहप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, "पिछले महीने के मुकाबले न्यूक्लियर टेस्ट साइट पर आर्मी व्हीकल्स और इक्विपमेंट्स लाने वाले ट्रकों की आवाजाही काफी बढ़ गई है।"
- बता दें कि इससे पहले नॉर्थ कोरिया जनवरी में हाइड्रोजन बम टेस्ट और फरवरी में लॉन्ग रेंज मिसाइल टेस्ट कर चुका है।
- इसके बाद प्योंगयांग के वेपन्स प्रोग्राम को रोकने के लिए यूएन समेत कई देश उस पर सैंक्शंस भी लगा चुके हैं।

क्यों बेहिचक न्यूक्लियर वेपन बना रहा है नॉर्थ कोरिया?
- नॉर्थ कोरिया ने 1985 में एनपीटी (परमाणु अप्रसार संधि) को मंजूर किया था।
- इसके तहत वो एक्टिव तौर पर न्यूक्लियर वेपन डेवलप नहीं कर सकता था, लेकिन उसने समझौते को नहीं माना।
- 2003 में नॉर्थ कोरिया ने खुद को इस एग्रीमेंट से अलग करने का एलान कर दिया।

नॉर्थ कोरिया ने कब-कब किए न्यूक्लियर टेस्ट?
- नॉर्थ कोरिया 2006, 2009, 2013 और 2016 में न्यूक्लियर बम की टेस्टिंग कर चुका है।
- 9 अक्टूबर, 2006- पहली बार जमीन के अंदर किया न्यूक्लियर टेस्ट। यूएस से एटमी वॉर का बताया था खतरा।
- 25 मई, 2009- दूसरी बार किया न्यूक्लियर टेस्ट।
- 13 जून, 2009- नॉर्थ कोरिया ने कहा कि वो यूरेनियम एनरिचमेंट करेगा। इसे न्यूक्लियर वेपन्स और प्लूटोनियम बेस्ड रिएक्टर बनाने की संभावना माना गया।
- 11 मई, 2010- न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर बनाने का दावा किया। आशंका जताई गई कि नॉर्थ कोरिया ज्यादा पावरफुल बम बनाएगा।
- 13 फरवरी, 2013- तीसरी बार न्यूक्लियर टेस्ट किया।
- 10 दिसंबर, 2015- तानाशाह उन का दावा- हासिल की हाइड्रोजन बम टेस्ट की कैपेबिलिटी।
- 6 जनवरी, 2016- हाइड्रोजन बम का टेस्ट किया।

मिसाइलों के टेस्ट भी किए
- फरवरी, 2016- लॉन्ग रेंज मिसाइल टेस्ट।
- 02 मार्च, 2016 - लेजर गाइडेड एंटी टैंक मिसाइल।
- 04 मार्च, 2016 - मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम।
- नॉर्थ कोरिया छोटी मिसाइलों के अलावा रॉकेट इंजन का टेस्ट भी कर चुका है।