हाईकोर्ट ने दिया केजरीवाल को झटका, एक करोड़ के मुआवजे पर लगाई रोक

Edited by: Editor Updated: 07 Nov 2016 | 05:11 PM
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नई दिल्ली। वन रैंक वन पेंशन (OROP) के मुद्दे पर आत्महत्या करने वाले पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने के मामले में केजरीवाल सरकार को झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस फैसले पर स्टे लगा दिया है।

सोमवार को इसके खिलाफ दायर की गई दो अलग-अलग याचिकाओं पर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत अगले सोमवार को अपना फैसला सुनाएगी।

याचिका पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की पीठ ने की। दिल्ली सरकार ने इन याचिकाओं को ‘अपरिपक्व’ बताते हुए यह कह कर इसका विरोध किया था कि दिल्ली सरकार के फैसले को उप राज्यपाल की ओर से मंजूरी मिलना अभी बाकी है।

दिल्ली सरकार के वरिष्ठ स्थायी वकील राहुल मेहरा ने पीठ को बताया, ‘इसमें कोई जनहित शामिल नहीं है। ये याचिकाएं ‘अपरिवक्व’ हैं। इस फैसले पर उप राज्यपाल की मोहर लगनी अभी बाकी है। मंत्रिपरिषद जो भी फैसला लेती है उसे उपराज्यपाल के पास उनकी मंजूरी के लिए भेजा जाता है।’

वकील अवध कौशिक की ओर से दायर की गई जनहित याचिकाओं में से एक में ग्रेवाल को ‘शहीद’ घोषित करने के आप सरकार के निर्णय का भी विरोध किया गया है। याचिकाकर्ता ने अदालत में कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आत्महत्या जैसे कृत्य का ‘महिमामंडन’ नहीं करना चाहिए।