जानिए: चालान काटने पर ट्रैफिक पुलिस के क्यों उड़े होश

Edited by: Kavya_Mishra Updated: 02 Feb 2018 | 07:47 PM
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नई दिल्ली। ट्रैफिक नियमों की धज्जिया उड़ाना आम बात हो गई है, और न जाने कितने मासूम लोगों की मौत इन्हीं नियमों को तोड़ने की वजह से होती है। लेकिन अब कुछ नेताओं ने इन नियमों को गंभीरता से ले लिया है।

दरअसल हाल ही में एक ट्रैफिक पुलिस ने अपने ही डीजीपी अनिल रतूड़ी का चालान काट दिया था, लेकिन डीजीपी ने पुलिसिया रौब दिखाने के बजाय अपना चालान कटवा कर एक मिसाल पेश की, जिसके बाद से सभी लोगों ने उनके इस कदम की तारीफ की।

ऐसा नही है कि किसी ट्रैफिक पुलिस ने पहली बार ऐसा कुछ काम किया है लेकिन बात ये अहम है कि इस अधिकारी ने अपने बड़े पद का फायदा न उठाकर सभी को एक सीख दी है।

वहीं ऐसे मामले में बैंकॉक में भारतीय राजदूत भगवंत विश्नोई का नाम भी जुड़ा है, ये 1983 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं। इन्होंने अपनी निजी कार को नो पार्किंग में खड़ा कर दिया था जिसके बाद वापस आने पर उन्होंने देखा कि एक चालान उनकी कार के शीशे पर रखा हुआ है, जिसके बाद वे सीधे ट्रैफिक पुलिस के ऑफिस पहुंचे और वहां जाकर अपने चालान की रकम को जमा किया।

अक्सर ये देखने को मिलता है कि जो अधिकारी बड़े पद पर होते हैं वे चालान देने से कतराते है, साथ ही दादागिरी दिखाकर बच निकलते है। लेकिन कुछ ऐसे भी अधिकारी है जो समय-समय पर अपने अच्छे व्यवहार से शालीनता का परिचय देते रहते हैं और इनके इस व्यवहार से उन पुलिस कर्मियों के लिए भी सबक ये है जो अक्सर सड़कों पर रौब दिखाते नज़र आते हैं।