सबके लिए समान कानून ठीक नहीं: मुस्लिम पर्सनल लॉ

Edited by: Editor Updated: 13 Oct 2016 | 09:24 PM
detail image

नई दिल्ली। लंबे समय से चल रहे तीन तालक विवाद पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध किया है। बोर्ड ने कहा कि 'सबके लिए समान कानून' भारत के लिए अच्छा नहीं है। क्योंकि इस देश में एक नहीं कई तरह की संस्कृतियां हैं इसलिए उनका सम्मान किया जाना चाहिए।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना मोहम्मद वली रहमानी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, यूनिफॉर्म सिविल कोड राष्ट्र के लिए अच्छा नहीं है। देश में कई धर्म के लोग रह रहे हैं और उनका आदर किया जाना चाहिए। भारत किसी एक विचारधारा को नहीं सौंप सकता है।

ऑल इंडियन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और देश के कुछ दूसरे प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने आज समान अचार संहिता पर विधि आयोग की प्रश्नावली का बहिष्कार करने का फैसला किया और सरकार पर उनके समुदाय के खिलाफ ‘युद्ध’ छेड़ने का आरोप लगाया। यहां प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुस्लिम संगठनों ने दावा किया कि यदि समान आचार संहिता को लागू कर दिया जाता है तो यह सभी लोगों को ‘एक रंग’ में रंग देने जैसा होगा और जो देश के बहुलतावाद और विविधता के लिए खतरनाक होगा।