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चलो मुहल्ले को ही बदल लेते हैं!

Edited By: Editor
Updated On : 2016-11-12 05:59:21
चलो मुहल्ले को ही बदल लेते हैं!
चलो मुहल्ले को ही बदल लेते हैं!

एक पत्नी साहिबा अपने पति से नई साड़ी के लिए जिद कर रही थीं।

पतिः 'अरे भागवान, तुम्हारी अलमारी तो साड़ियों से भरी हुई है, नई साड़ी खरीदकर क्यों पैसा बर्बाद किया जाए?
'
पत्नी (मचलते हुए): 'पर उन सभी सा‍ड़ियों को तो मुहल्ले वालों ने देख लिया है।'

पति (खींझते हुए): 'अच्‍छा, तो फिर चलो, मुहल्ले को ही बदल लेते हैं LaughingLaughingLaughing