जिसने खंडवा में रखी थी सिमी की बुनियाद, उसकी हुई मौत

Edited by: Editor Updated: 01 Nov 2016 | 09:12 AM
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ऩई दिल्ली। सोमवार को भोपाल की सेंट्रल जेल से फरार आतंकियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार दिया, इन 8 आतंकियों में से 5 खंडवा के है। सभी आतंकी सिमी के हार्डकोर सदस्य थे। इनमें आतंकियों सरगना व खंडवा में सिमी की बुनियाद रखने वाला अकील खिलजी भी शामिल है। अकील पर शहर में सांप्रदायिक उन्माद फैलाने, बैंक डकैती व हत्या के प्रयास के आरोप है।

शिवप्रतापसिंह की हत्या का आरोप व 28 नवंबर 09 को एटीएस जवान सीताराम यादव की हत्या सहआरोपी है। आतंकी मेहबूब, अमजद, सालिक भी सीताराम हत्याकांड के बाद से फरार थे। जून 11 में रतलाम मुठभेड़ के बाद आतंकियों को एटीएस ने पकड़ लिया था। इसके बाद वे 1 अक्टूबर 2013 की रात आतंकी अबू फैजल के साथ जेल से भाग गए थे।

आतंकियों पर मरणापुरम बैंक डकैती, सतना इटारसी बैंक डकैती, खंडवा, इंदौर, उज्जैन में सांप्रदायिक उन्माद तेलंगाना के करीम नगर बैंक डकैती, तेलंगाना पुलिस से मुठभेड़ में दो सिपाही सहित पांच लोगों की हत्या का आरोप है।

आतंकियों की मौत के बाद खंडवा सहित निमाड़-मालवा में आतंक की कमर टूट गई है। खंडवा में 25 साल से सक्रिय सिमी की बुनियाद रखने वाले अकील और उसके हार्डकोर साथियों का अंत होने के बाद पुलिस ने भी चेन की सांस ली है। अकील के साथ मेहबूब, जाकिर, अमजद व सालिक सन 2002 से सक्रिय रहकर संगठन में जान फूंके हुए थे।

इनके दो साथी एजाजुद्दीन व असलम असलम अय्यूब को तेलंगाना पुलिस ने 8 अप्रैल 15 को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके पहले आतंकी अजहर को औरंगाबाद पुलिस ने मार्च 12 में मार गिराया था। 15 साल में खंडवा में सिमी के 15 हार्डकोर सदस्य बने इनमें से अब तक 8 आतंकियों को पुलिस ने मौत के घाट उतार दिया।