मन की बात: बोले पीएम मोदी, गाड़ी के साथ मन से भी निकालें लालबत्ती

Edited by: Shiwani_Singh Updated: 30 Apr 2017 | 11:24 AM
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नई दिल्ली। पीएम मोदी ने आज 31वीं बार जनता से मन की बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में खाने की बरबादी पर बात करते हुए बताया कि खाने की बरबादी रोकने के लिए मुझे कई सुझाव आए। वहीं, पीएम मोदी ने बताया कि कई लोगों ने मुझे मन की बात में गर्मी पर बोलने को कहा, तो कईयों ने गर्मी में पक्षियों को लेकर चिंता जताई। पीएम ने लालबत्ती के प्रति लोगों के गुस्से का भी जिक्र किया।

लालबत्ती के प्रति लोगों में गुस्सा

पीएम ने कहा कि सरकार ने लालबत्ती हटाने का फैसला किया है। अब इसे प्रयोग करने वाले लोग गाड़ी से ही नहीं बल्कि मन से भी लालबत्ती का लोभ हटाएं। पीएम ने साथ ही कहा कि न्यू इंडिया में अब VIP की जगह EPI (Every Person is Important) का जोर रहेगा।

पीएम ने कहा, हमारे देश में वीआईपी कल्चर के खिलाफ गुस्सा है। लालबत्ती सिर्फ गाड़ी पर नहीं बल्कि दिमाग पर लग जाती थी, लेकिन दिमाग में लालबत्ती अभी निकली नहीं होगी। सामान्य मानवी इसे पसंद नहीं करता है। सरकारी निर्णय से लालबत्ती का गाड़ियों से हटना एक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसे मन से निकालना ज्यादा जरूरी है। वीआईपी की जगह ईपीआई का महत्व बढ़े। EPI मतलब ऐवरी पर्सन इज इम्पॉर्टेंट।

गुजरात और महाराष्ट्र का स्थापना दिवस
एक मई को गुजरात और महाराष्ट्र का स्थापना दिवस है। पीएम ने दोनों राज्यों को शुभकामनाएं दीं। पीएम ने दोनों राज्यों के महापुरुषों को भी याद किया। पीएम ने दोनों राज्यों के लोगों को आगे बढ़ने की शुभकामना दी।

पीएम नरेंद्न मोदी ने कहा लोग फोन, रिकॉर्डेड मैसेज भेजते हैं। कई सुझाव आते हैं। अच्छा लगता है। पीएम मोदी ने कहा कि लोग इतनी समस्याएं बताते हैं जहां शायद सरकार की नजर भी नहीं जाती होगी। पीएम मोदी ने कहा कि हर बार जो भी बातें यहां आती है, उसे सरकार देखती है, एनालिसिस करती है। उन्होंने कहा कि लोग अकसर सलाह और सुझाव देते हैं।

छुट्टियां बरबाद न करें छात्र

पीएम ने कहा कि देश में युवा पीढ़ी लंबे अरसे से खाना बचाने के लिए काम कर रही है। बहुत अच्छा है। देश के युवा ऐसा काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 1 मई को महाराष्ट्र और गुजरात का स्थापना दिवस है। उन्हें बधाई है, पीएम ने कहा कि 2022 तक हम अपने राज्य, देश, नगर को कहां ले जाएंगे। इस बारे में सोचना चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा कि गर्मी की छुट्टिया होने वाली हैं ऐसे में छात्र व युवा अपनी छुट्टियां बरबाद न करें। इसका सही उपयोंग करते हुए किसी नई जगह जाएं, नई चीजे सिखें। उन्होंने कहा कि आज कई युवा कंफर्ट जोन में रहना पसंद करते हैं। इसे कम करें शाम के समय युवा गरीब बच्चों के मोहल्ले जाएं, उनके साथ खेले।

पीएम ने कहा कि युवा तकनीक सीखें, संगीत अन्य भाषाएं सीखें। भारत में तमाम विविधताएं हैं। स्वीमिंग नहीं आती तो सीखें, ड्राइंग सीखें, कुछ लाभ तो मिलेगा। नया कुछ भी करें।

श्रमिक दिवस पर कही 'मन की बात'
हम अपनी परंपराओं को याद करते रहें, इससे हमें प्रेरणा मिलती है। इस बार हम रामानुजाचार्य की 1000 वीं जयंती मना रहे हैं। उन्होंने 1000 साल पहले दलितों को मंदिर में प्रवेश कराया था। सरकार उनकी याद में एक स्टैम्प रिलीज करने जा रही है। एक मई को दुनिया में श्रमिक दिवस मनाते हैं।

आज श्रमिकों को जो आदर मिला है उसके लिए बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर को याद करना स्वभाविक है। 12 वीं शताब्दी में एक संत ने कन्नड़ भाषा में श्रमिकों के बारे में बताया था। जिसमें उन्होंने 'श्रम ही शिव है' की बात कही।

पीएम ने कहा कि मजदूर दिवस के मौके पर बीएमएस के दत्तोपंत जी ठेंगड़ी को भी याद करना जरूरी है। एक तरफ माओवाद कहता था मजदूरों एक हो जाओ। ठेंगड़ी जी कहते थे कि मजदूरों, आओ दुनिया को एक करें।