कंपनियों ने पुरानी करेंसी पर मोबाइल बिक्री की मांगी अनुमति

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-11-28 15:45:44
कंपनियों ने पुरानी करेंसी पर मोबाइल बिक्री की मांगी अनुमति

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद से देश में मोबाइल हैंडसेट्स की बिक्री में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। मोबाइल कंपनियों को रेवेन्यू में 50 पर्सेंट की गिरावट का सामना करना पड़ा है। इस समस्या से निपटने के लिए मोबाइल हैंडसेट मेकर्स ने सरकार से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों पर बिक्री करने की अनुमति मांगी है।

बता दें कि नोटबंदी के बाद सेल में आई गिरावट के चलते मोबाइल कंपनियों को 175 से 200 करोड़ रुपये तक की चपत लगी है। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने 8 नवंबर की मध्यरात्रि से देश में 500 और 1000 के पुराने नोटों को अमान्य कर दिया है।

यह भी पढ़ें- जियो को टक्कर देने उतरी एयरटेल, लॉन्च किया नया प्लान

आपको बता दें कि फाइनैंस, टेलिकॉम और आईटी मिनिस्ट्री को भेजे प्रस्ताव में कंपनियों ने सुझाव दिया है कि यह बिक्री वैध आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड पर ही की जानी चाहिए। इसके अलावा बेचे गए हर फोन को आईएमईआई (इंटरनैशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी) नंबर के जरिए ट्रेस किया जा सकेगा ताकि इनका दुरुपयोग न हो सके।

वित्त मंत्री अरुण जेटली को भेजे पत्र में इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन ने लिखा, 'इस छूट के चलते देश में स्मार्टफोन्स की सेल बढ़ेगी, जिससे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म को मजबूती मिलेगी। इससे कैश ट्रांजैक्शंस के दबाव में कमी आ सकेगी।'

यह भी पढ़ें- COMET लेकर आई दुनिया का पहला तैरने वाला स्मार्टफोन

नोटबंदी के बाद से मोबाइल हैंडसेट्स की बिक्री में 40 से 50 पर्सेंट तक की कमी आई है। मोबाइल कंपनियों ने वित्त मंत्री से कहा है कि आने वाले दिनों में यह गिरावट और बढ़ सकती है क्योंकि नकदी की कमी के चलते लोग कैश को बचाकर रखना चाहते हैं। इसके अलावा खेती का सीजन होने के चलते किसान अपने पास मौजूद कैश को बीज, फर्टिलाइजर्स और मजदूरी पर ही खर्च करना चाहते हैं।


गैजेट/ टैक्नोलॉजी पर शीर्ष समाचार