हर व्यक्ति को सालाना 2600 रुपए दे सकती है मोदी सरकार, करना होगा ये काम..

Edited by: Ankur_maurya Updated: 12 Oct 2017 | 05:20 PM
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नई दिल्‍ली। दुनिया भर में कुछ दिनों से यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) पर चर्चा चल रही है। इसी मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत को लेकर कहा है कि अगर भारत सरकार चाहे तो देश के हर व्यक्ति को सरकार सालाना 2600 रुपए UBI दे सकती है।

दरअसल, IMF ने देश में इसकी संभावना पर गहराई से विचार किया है, IMF ने कहा है कि अगर भारत में फूड और एनर्जी पर सब्सिडी को समाप्‍त कर दिया जाए तो ऐसा होना संभव है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक IMF ने जो कैलकुलेशन किया है, वह साल 2011-12 के डाटा पर आधारित हैं। NDA सरकार के तहत फ्यूल सब्सिडी में आई भारी कमी और आधार के जरिए अन्‍य सब्सिडी के वितरण के मद्देनजर इस डाटा को एडजस्‍ट करने की जरूरत है।

UBI की इतनी कम रकम के लिए भी GDP के तीन प्रतिशत की फिस्‍कल कॉस्‍ट आएगी। हालांकि इससे पब्लिक फूड वितरण और फ्यूल सब्सिडी को लेकर कुछ समस्‍याओं से निपटा जा सकेगा। इससे PDS में लोअर इनकम ग्रुप की पूरी कवरेज न होने और अधिक आमदनी वाले लोगों के सब्सिडी के बड़े हिस्से को हासिल करने जैसी समस्याएं भी दूर हो सकती हैं।

IMF का मानना है कि सब्सिडी की फिलहाल जो मौजूदा व्‍यवस्‍था है, उसमें काफी कमियां हैं। इस वजह से जो वर्ग इसे पाने के हकदार हैं, उन्‍हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। 2,600 रुपए की UBI का आंकड़ा इस आधार पर निकाला गया है कि यह भारत में फूड और फ्यूल सब्सिडी की जगह लेगा।

हालांकि, इसका दूसरा पहलू यह भी है कि बड़े स्तर पर सब्सिडी को समाप्त करने के लिए कीमतों में काफी बढ़ोतरी करने की जरूरत होगी। IMF ने इसके लिए 2016 के एक अध्‍ययन का हवाला दिया है, संस्‍था का कहना है कि इससे यूबीआई के लिए फंड उपलब्ध हो सकेगा।