मोदी सरकार बुजुर्गों को देगी 'राष्ट्रीय वयोश्री योजना' का उपहार

Edited by: Web_team Updated: 20 Mar 2017 | 11:36 AM
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार जल्द ही गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर कर रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक योजना शुरू करने जा रही है। 477 करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना का नाम 'राष्ट्रीय वयोश्री योजना' गखा गया है और यह योजना अगले हफ्ते शुरू होगी। जिसके तहत सरकार वरिष्ठ नागरिकों को सुनने में सहायक मशीन और व्हीलचेयर सहित उम्र संबंधी सहायक उपकरण नि:शुल्क प्रदान करेगी।

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गौरतलब है कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत और सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू 25 मार्च को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में शिविर में इस योजना का शुभारम्भ करेंगे। इसी तरह के एक शिविर का आयोजन 26 मार्च को मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में भी होगा।

इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि योजना का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर तबके के बुजुर्गों को यह सहायक उपकरण प्रदान कर उन्हें सक्रिय जीवन में लाना और बुजुर्गों के अनुकूल समाज का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत सरकार ने हर शिविर में 2,000 लाभार्थियों के बीच ऐसे सहायक उपकरण वितरित करने का लक्ष्य रखा है।

बता दें कि योजना का लाभ पाने वालों के लिए न्यूनतम योग्यताएं भी निर्धारित की गई हैं। लाभ लेने वालों की उम्र 60 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए। साथ ही उसका नाम बीपीएल श्रेणी में होना जरूरी है। अधिकारियों की मानें तो सामाजिक विभाग ने प्रधानमंत्री कार्यालय को तीन नामों का सुझाव दिया था, जिनमें राष्ट्रीय वयोश्री योजना का चयन किया गया है।

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गौरतलब है कि बुजुर्गो को वितरित किए जाने वाले उपकरण आईएसआई मानदंडों के अनुरूप होंगे। वितरित किए जाने वाले उपकरणों में आरामदायक जूते, बैसाखी, कृत्रिम दांत, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, चश्मा, ट्रायपॉड, लोकोमोटर असमर्थता से निपटने वाले यंत्र समेत अन्य उपकरण शामिल हैं।

बता दें कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना जनवरी में लांच होनी थी, पर पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों को देखते हुए इसे टाल दिया गया था। 2011 के जनगणना के मुताबिक देश में 10.38 करोड़ वरिष्ठ नागरिक हैं। इनमें 5.2 फीसद बुजुर्ग उम्र संबंधी बीमारियों से ग्रसित हैं।