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समीक्षा: नए रिश्तों व ठंडे पड़ते संबंधों को दर्शाती है 'मोह माया'

Edited By: Editor
Updated On : 2016-11-26 07:42:02
समीक्षा: नए रिश्तों व ठंडे पड़ते संबंधों को दर्शाती है 'मोह माया'
समीक्षा: नए रिश्तों व ठंडे पड़ते संबंधों को दर्शाती है 'मोह माया'

नई दिल्ली। मुनीष भारद्वाज की फिल्म 'मोहमाया' रिलीज हो गई है। आपको बताते है इस फिल्म के बारें में जो एक बहुत ही सामान्य कहानी पर बुनी गई है, जहां महानगरों में अकेले रह रहे जोड़ों की जिंदगी की रोजमर्रा की भागदौड़, उनके ऊंचे सपनों, उन सपनों को सच करने की कोशिश में पीछे छूटते अपनों, किसी मकसद को पूरा करने के लिए बनते नए रिश्तों और ठंडे पड़ते करीबी संबंधों को विस्तार से दिखाती है।

वहीं, इसे बेवजह जटिल भी बनाया गया है। जिस किस्म की समझदारी इस तरह की स्क्रिप्ट में चाहिए होती है, वह इसमें कम दिखाई देती है। यही कारण है कि सिर्फ एक घंटे 50 मिनट की इसकी लंबाई भी खिंचती-सी मालूम होती है। इसकी कहानी में आगे आने वाली घटनाओं का पूर्वानुमान दर्शक को बांध कर रख पाने में विफल रहता है।

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निर्देशक मुनीष भारद्वाज दिल्ली शहर के मिजाज को भी इस कहानी का हिस्सा बना पाने में कामयाब रहे हैं। रणवीर शौरी बहुत ही आसानी से अपने किरदार को आगे ले जाते हैं। मिडल क्लास से छुटकारा पाने की तड़प, इसके लिए हर गलत काम को सहजता से करते जाने और दुख, पछतावे, गुस्से, बेबसी जैसे भावों का वह बेहतरीन ढ़ंग से इजहार कर पाते हैं।

वहीं, नेहा धूपिया भी अपने किरदार में जंची हैं लेकिन रणवीर के सामने वह फीकी पड़ जाती हैं। छोटे-से रोल में आईं विदुषी मेहरा प्रभावित करती हैं।


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