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मुस्लिम महिला ने खून से लिखा सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस को खत

Edited By: Editor
Updated On : 2016-12-01 13:35:46
मुस्लिम महिला ने खून से लिखा सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस को खत
मुस्लिम महिला ने खून से लिखा सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस को खत

देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक मुस्लिम महिला ने तीन तलाक के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को खून से खत लिखकर न्याय की मांग की है।

मिली जानकारी के मुताबिक देवास जिले के दत्तोतर गांव की शबाना ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया कि उसकी शादी हाटपिपलिया निवासी टीपू से 25 मई, 2011 को मुस्लिम रीति-रिवाज के साथ हुई थी और उसकी 4 साल की एक बेटी भी है। उसने बताया कि उसके पति ने उसे तीन बार तलाक का नोटिस भेजकर 16 नवंबर, 2016 को दूसरी शादी कर ली।

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शबाना ने आगे बताया कि उसने खून से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को खत लिखा है। इस खत में उसने लिखा है कि वह ऐसे पर्सनल लॉ को नहीं मानती, जिससे उसका और बेटी का भविष्य खराब हो। उसने देश के कानून में भरोसा जताते हुए लिखा है, 'ट्रिपल तलाक के कानून को रद्द किया जाए और मुझे न्याय दिलाया जाए।'

सूत्रों के मुताबिक शबाना ने बताया कि उसने नर्सिंग की पढ़ाई की है, लेकिन उसका पति उससे खेत में काम कराना चाहता था। खेत मे काम करने से मना करने पर मारपीट करता था। उसने बताया कि वह परिवार के साथ रहना चाहती थी, मगर उसके पति ने ऐसा नहीं होने दिया।

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वहीं, पति टीपू ने संवाददाताओं से कहा कि उसके परिवार ने शबाना को कई बार बुलाया, मगर वह घर आने को तैयार ही नहीं हुई। उसने कहा कि उसकी पत्नी शबाना घर में किसी से भी मिलजुलकर नहीं रहती थी। शबाना हमेशा नौकरी कराने की बात करती थी पर यह तो फैमिली ही तय करेगी कि महिला को बाहर नौकरी कराना है या नहीं। उसने यह भी कहा कि शबाना से उसने इस्लामिक रीति-रिवाजों से तलाक लिया है।

 


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