नेपाली PM ने नोदबंदी पर प्रधानमंत्री मोदी से मांगी मदद

Edited by: Editor Updated: 16 Nov 2016 | 10:40 AM
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काठमांडू। भारत में 500 और 1000 की करेंसी की बंदी के बाद से पड़ोसी देश नेपाल की भी परेशानियां बढ़ गई हैं। समस्या से निपटने के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने पीएम मोदी को फोन कर मदद मांगी है। प्रचंड ने पीएम मोदी से आग्रह किया है कि वह नेपाली लोगों के पास पड़े पुराने भारतीय नोटों को नए नोट में बदलने के लिए प्रबंध करें।

नोपाल के पीएम पुष्प कमल दहल प्रचंड ने पीएम मोदी से फोन पर 5 मिनट बातचीत की। इस दौरान नेपाली पीएम ने कहा कि नेपाल में लोगों के पास 500 और 1000 रुपए रे पुराने भारतीय नोटो का भंडार है।

नेपाल के हजारों लोग भारत में दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करते हैं, बहुत लोग इलाज के लिए भारत जाते हैं और रोजमर्रा की जरुरत की चीजों को खरीदने के लिए भारतीय बाजारों पर निर्भर करते हैं। ऐसे में उनके पास बहुत भड़ी मात्रा में भारतीय नोट पड़े हैं जो अब बंद हो चुके हैं।

इतना ही नहीं श्रद्धालु के तौर पर भारत का दौरा करने वाले और सीमा पार व्यापार में लगे हुए लोगों के पास बड़ी मात्रा में चलन से बाहर हो चुके भारतीय नोट हैं।

प्रचंड की निजी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया, 'इसको देखते हुए भारत को ऐसे इंतजाम करने चाहिए ताकि नेपाली लोग नेपाल में भारतीय नोट बदल सकें।'जवाब में मोदी ने कहा कि वह इस मुद्दे का तत्काल समाधान करेंगे और वित्त मंत्री से कहेंगे कि वह अपने नेपाली समकक्ष के साथ बातचीत करें।

भारत सरकार की ओर से 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट चलन से बाहर करने का फैसला किए जाने के बाद नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) ने इन नोटों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। एनआरबी ने कहा है कि नेपाल के वित्त मंत्रालय में 3.36 करोड भारतीय रुपए के 500 और 1,000 के नोट हैं।