मोहन भागवत का बचाव करते दिखे नीतीश, कुछ इस अंदाज में दिया जवाब

Edited by: Shiwani_Singh Updated: 12 Feb 2018 | 04:16 PM
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पटना। जहां एक ओर राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का र RSS के पास तीन माह में 'सेना' तैयार करने की क्षमता वाले बयान पर कांग्रेस अध्यक्षय राहुल गांधी सहित अन्य राजनीतिक पार्टियों द्वारा आलोचना की जा रही हैं। वहीं, बिहार के मुख्मंत्री नीतिश कुमार भागव का बचाव करते नजर आए। नीतीश ने संवाद कार्यक्रम के बाद आयोजित संवाददाता सम्‍मेलन में अपने ही अंदाज में भागवत के इस बयान पर सफाई दी।

भागवत के बयान पर पूछे गए सवाल पर नीतिश ने कहा कि उन्‍हें इस बारे में जानकारी नहीं कि भागवत ने क्‍या कहा। उन्होंने आगे कहा कि ये कोई विवाद का विषय नहीं है। वहीं, संघ प्रमुख के नाम लिए बिना उन्‍होंने कहा, ''कोई भी नागरिक अपनी प्रतिक्रिया में संगठन की तैयारी को लेकर विचार व्‍यक्‍त करता है।'' हालांकि वे यह जोड़ने से नहीं चूके कि इस बयान के बारे में उन्‍हें पूरी जानकारी नहीं है।

वहीं, भागवत के इस बयान पर संघ के कुछ वरिष्‍ठ नेताओं ने भी सफाई दी। संघ की ओर से मामले में दी गई सफाई में कहा गया, '' मोहन भागवत की ओर से दिए गए बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उनके कहने का मतलब था कि परिस्थिति आने पर और संविधान द्वारा मान्य होने पर भारतीय सेना को सामान्य समाज को तैयार करने के लिए 6 महीने का वक्त चाहिए, लेकिन संघ के स्वयंसेवकों को भारतीय सेना 6 महीने में ही तैयार कर लेगी, क्योंकि संघ के स्वयंसेवकों का अनुशासन ही ऐसा रहता है। यह सेना के साथ तुलना नहीं है, यह तुलना समाज और स्वयंसेवकों के बीच थी।''

बता दें कि मोहन भागवत ने संघ प्रमुख ने अपने स्वयंसेवकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कहा था कि सेना को तैयार होने में 6-7 महीने लगेंगे जबकि संघ के स्वयंसेवकों को 2 से तीन दिन ही लगेंगे। इस संबंध में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि यदि ये बयान दूसरी पार्टी के नेता देते तो बीजेपी उसे पाकिस्तान भेज देते।