करेंसी बैन पर पीएम मोदी की नीयत साफ नहीं: मायावती

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-11-10 13:16:49
करेंसी बैन पर पीएम मोदी की नीयत साफ नहीं: मायावती

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरूवार को आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र द्वारा काले धन पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबंधित किए गए 500 और 100 रुपए के फैसले पर हमला करते हुए कहा है कि पीएम मोदी की नीयत साफ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह देश में आर्थिक इमरजेंसी जैसी स्थिति है, इससे गरीब लोग परेशान हो रहें हैं।

मायावती ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार काले धन के नाम पर नाटक कर रही है। उन्होने कहा कि मोदी सरकार द्वारा यह फैसला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर किया है,क्योंकि बीजेपी अपनी कमियों को छुपाने के लिए यह कदम उठाया है। बसपा सुप्रीमों के मुताबिक पिछले ढाई साल तक मोदी ने काले धन के लिए कोई फैसला नहीं लिया। मायावती के शब्दों में मोदी ने बीजेपी को आर्थिक मजबूती देने के लिए उक्त कदम उठाया है। नोट बंद करने के इस फैसले से व्यापारी नाखुश है।

मायावती ने कहा कि इस फैसले से कालाबाजारी बढ़ गई है। कुछ देर के लिए पेट्रोल पम्पों पर लूट हुई। भाजपा ने उनसे साठगांठ की है कि जितना कमाना है कमा लो, कुछ हिस्सा हमको दे देना। बसपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केन्द्र ने इतना बड़ा फैसला लेने से पहले गरीबों के बारे में नहीं सोचा। मायावती ने कहा, इस फैसले से कालाबाजारी बढ़ गई है।

कुछ देर के लिए पेट्रोल पम्पों पर लूट हुई। भाजपा ने उनसे साठगांठ की है कि जितना कमाना है कमा लो, कुछ हिस्सा हमको दे देना। अस्पतालों और मेडिकल स्टोर पर लोगों को भारी परेशानियां हुईं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा नुकसान गरीबों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों को हुआ। भाजपा का वोट बैंक वे गरीब लोग नहीं हैं। जनता आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा एण्ड कम्पनी को इसकी सख्त सजा देगी।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि बड़े करेंसी नोट अचानक बंद करने के फैसले को भी देखा जाए तो यह भी उस मानक पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता, जिसकी केन्द्र सरकार कल्पना कर रही थी। जो तस्वीर उभरी है, उससे पूरे देश में हर तरफ अफरातफरी का माहौल है। परसों रात लोग सड़कों पर ऐसे उतरे मानो भूकंप आ गया हो।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक जनता में त्राहि त्राहि मच गई। मायावती ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह केन्द्र सरकार द्वारा 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों की वैधता खत्म किए जाने को ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ बताकर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करके ‘अंधभक्ति’ कर रहे हैं।

सर्जिकल स्ट्राइक का क्षेत्र सीमित और लक्षित होता है। अगर देश के 500 या 1000 बड़े पूंजीपतियों के यहां एक साथ छापेमारी होती तो इसके काले धन के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक माना जाता और जनता भी इसकी सराहना करती।

उन्होंने कहा कि देश में छुपाकर रखा गया कालाधन बाहर निकालने के लिए केन्द्र की हाल की योजना में अपनी सम्पत्ति घोषित करने वालों के नाम सरकार ने उजागर नहीं किए हैं। यह भी चर्चा है कि इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ गुजरात के लोगों ने उठाया है। उस कालेधन की रकम जो सरकार के खजाने में आया है, उससे दलितों और गरीबों के हित में कार्य किए जाने चाहिए था।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्र की पिछली कांग्रेस और वर्तमान भाजपा सरकार के चाल, चरित्र, चेहरा, नीति एवं नियत में तिल भर भी परिवर्तन नजर नहीं आ रहा है। मायावती ने कहा कि पहले की ही तरह हर स्तर पर देश के लोगों में मायूसी छायी है। बेरोजगारी, महंगाई पहले जैसी ही बनी हुई है। विशेषकर दलित, पिछड़े, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोग विभिन्न स्तरों पर जुल्म और ज्यादती के शिकार हो रहे हैं।

हर समय उन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का डंडा चलता रहता है। उन्होंने प्रधानमंत्री की जाति का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी कहते हैं कि वह पिछड़ी जाति के हैं लेकिन मूल रूप से वह अगड़ी जाति से ताल्लुक रखते हैं। जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने पिछड़े वर्ग का फायदा लेने और उसके अधिकारों में कटौती करने के लिये अपनी जाति को पिछड़ी जातियों में शामिल कर लिया।

गौरतलब है गत मंगलवार की आधी रात से ही 500-1000 के पुराने नोट प्रचलन से बाहर कर दिए गए थे। सरकार के अनुसार इस फैसले से देश में काले धन पर लगाम लगेगी, तो वहीं देश आतंकवाद और भ्रष्टाचार से देश मुक्त हो सकेगा। हालांकि उक्त फैसले के बाद पूरे देश में हाहाकार मच गया है।


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