परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल संबंधी नीति में नहीं बंधना चाहिएः पर्रिकर

Edited by: Editor Updated: 11 Nov 2016 | 12:01 PM
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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा दिए गए विवादित बयान से विरोध खड़ा हो गया है। मनोहर पर्रिकर ने एक कार्यक्रम में कहा कि वह निजी तौर पर मानते हैं कि भारत को परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल नहीं करने संबंधी नीति से अपने को नहीं 'बांधना' चाहिए। हालांकि बाद में रक्षा मंत्रालय ने यह साफ कर दिया है कि यह मनोहर पर्रीकर के निजी विचार हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक मनोहर पर्रीकर ने कहा कि 'अगर पहले से तैयार रणनीति का पालन किया जाए या आप परमाणु मुद्दे पर किसी रुख पर कायम रहते हैं तो मुझे लगता है कि आप परमाणु हथियारों के मामले में अपनी शक्ति को खो रहे हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'लोग कहते हैं कि भारत, पहले परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करने के विचार को मानता है। मुझे इस विचार से खुद को क्यों बांधे रखना चाहिए। इसके बदले मुझे यह कहना चाहिए कि हमारा देश एक जिम्मेदार परमाणु ताकत है और हम गैरजिम्मेदाराना तरीके से इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे। ऐसा मेरा मानना है।'

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मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के संचार प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘रक्षा मंत्री पर्रिकर को किसी पब्लिक फंक्शन में इस तरीके की बातें नहीं बोलनी चाहिए।’ वहीं, सीपीएम के महासचिव सीताराम येचूरी ने कहा, ‘किसी रक्षा मंत्री द्वारा दिया गया यह अबतक का सबसे गैर जिम्मेदाराना बयान है।’