Disable ADBlock and Click Here to Reload The Page

पिन याद रखने की जरुरत नहीं, उंगलियों से हो जाएगी पेमेंट

Edited By: Hindi Khabar
Updated On : 2017-04-21 10:51:02
पिन याद रखने की जरुरत नहीं, उंगलियों से हो जाएगी पेमेंट
पिन याद रखने की जरुरत नहीं, उंगलियों से हो जाएगी पेमेंट

नई दिल्ली। जब भी पेमेंट करनी हैती है आपको चार एंक के पिन को याद रखना पड़ता है, लेकिन जल्द ही नेक्स्ट जनरेशन बायोमेट्रिक कार्ड लॉन्च होंगे, जिनसे आप उगंलियों की मदद से ही पेमेंट कर सकेंगे। नए कार्ड्स में चिप टेक्नोलॉजी को फिंगरप्रिंट के साथ जोड़ा गया है।

यह भी पढ़ें- नोटबंदी से घटी अर्थव्यवस्था की गति , IMF ने की 0.4 की कटौती

इससे स्टोर में खरीदी के दौरान कार्ड होल्डर की पहचान वैरिफाई (सत्यापित) हो सकेगी। फिलहाल दक्षिण अफ्रीका में इन नए कार्ड्स को लेकर दो फेज में ट्रायल हुए हैं।खबर के मुताबिक इस दौरान इन कार्ड्स से पेमेंट आसानी से हुए।

यूरोप और एशिया में इनका ट्रायल अगले कुछ महीनों में किया जा सकता है। ग्लोबल पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विस देने वाली कंपनी मास्टरकार्ड का कहना है कि अगले साल की शुरुआत तक अमेरिका में इसका इस्तेमाल शुरू किया जा सकता है।

बता दें कि मास्टरकार्ड से हर मिनट 65 हजार ट्रांजेक्शन किए जाते हैं। खास बात यह है कि इस टेक्नोलॉजी में चार डिजिट वाला पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर (पिन) एंटर करने की जरूरत नहीं होगी।

यह भी पढ़ें- IT रिटर्न न करने पर चार लाख कंपनियों का रजिस्ट्रेशन हो सकता है खारिज!

पेमेंट कार्ड पर बायोमेट्रिक सेंसर लगा होगा, जो फिंगर प्रिंट स्कैन करेगा। पेमेंट के लिए यूजर को सिर्फ सेंसर पर उंगली रखनी होगी। कार्ड पर मैग्नेटिक स्ट्रिप भी नहीं होगी। नए कार्ड के लिए एनरोलमेंट सेंटर (शायद बैंक) जाना होगा, जहां पर कार्ड होल्डर्स के फिंगरप्रिंट स्कैन किए जाएंगे और यह डाटा कार्ड में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। साथ ही डाटा कार्ड पर लगी ईएमवी चिप में सेव हो जाएगा।

नई टेक्नोलॉजी में कार्ड पर ही सेंसर दिया गया है, स्टोर में पेमेंट करते समय कार्ड पर उंगली रखनी होगी। जबकि 'आधार' सिस्टम में कार्ड की जरूरत ही नहीं है। बस, स्टोर को आधार नंबर और बैंक का नाम देना होगा।

यह भी पढ़ें- OMG! सिगरेट की कस से LIC ने कमाए 15000 करोड़!

स्टोर ओनर अपनी मशीन बैंक से कनेक्ट करेगा और आधार नंबर डालेगा। बैंक आपकी पहचान वैरिफाई करने के लिए कहेगा। जैसे ही आप सेंसर पर अंगूठा रखेंगे और डाटा मैच होगा, वैसे ही पेमेंट हो जाएगा।

दावा किया जा रहा है कि नए कार्ड में पारंपरिक कार्ड्स के मुकाबले ज्यादा सिक्युरिटी मिलेगी। पिन चोरी होने, अनुमान लगाने या भूलने की गुंजाइश रहती है। जहां पिन के 10 हजार कॉम्बिनेशन्स हैं वहीं फिंगरप्रिंट का 50 हजार में से केवल एक ही चांस किसी के साथ मैच होने का रहता है। ज्यादातर लोग याद रखने के लिए पिन '1234' रखते हैं, जो आसानी से गेस किए जा सकते हैं।


बिजनेस पर शीर्ष समाचार


x