नरसिहं डोपिंग मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला

Edited by: Editor Updated: 07 Oct 2016 | 12:58 PM
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चंडीगढ़। डोपिंग मामले में वाडा सें 4 साल के लिए प्रतिबंधित किए गए पहलवान नरसिंह यादव की डोपिंग मामले की जांच को हरियाणा सरकार ने सीबीआइ को कराने का फैसला किया है। इसके लिए केंद्र सरकार को सिफारिशी पत्र भेज दिया गया है और मामले से जुड़े दस्तावेज भी सौंप दिए गए हैं।

आपको बता दें पहलवान नरसिंह यादव ने 28 जुलाई 2016 को सोनीपत जिले के राई पुलिस थाने में शिकायत दी थी। नरसिंह का आरोप था कि सोनीपत स्थित साई के सेंटर के हॉस्टल में वह रुके थे और उस दौरान कैंटीन की मेस में उसके खाने में किसी ने कुछ मिला दिया था और इस कारण डोप टेस्ट में उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। नरसिंह का यह भी कहना था कि यह गड़बड़ी सिर्फ इसलिए की गई ताकि वह ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले सके। मामला सुर्खियों में आ गया था और खेल जगत समेत पूरे देश की निगाह मामले में टिक गई थी।

जानकारी के मुताबीक नरसिंह यादव को राहत मिल सकती है। नाडा के चीफ साइंटिस्ट डॉ. अंकुश गुप्ता ने साफ किया है कि वाडा ने नरसिंह पर दिए अपने आदेश में यह बात स्पष्ट की है। डा. अंकुश गुप्ता साई की नेशनल बाक्सिंग एकेडमी में आए थे। उन्होंने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके उत्तर प्रदेश के पहलवान नरसिंह यादव, हरियाणा के धावक धर्मबीर सिंह, एथलीट इंद्रजीत के डोपिंग में फंसने के बाद चल रही कार्रवाई के संबंध में मीडिया से बात की थी। धर्मबीर ने फंसने के बाद थाईलैंड में भी उनका डोप टेस्ट हुआ था जो नेगेटिव रहा था।

जब मामला धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर उठा तो सीबीआइ जांच का दबाव भी सरकार पर बढ़ने लगा। इससे पहले हरियाणा पुलिस पिछले तीन माह से इसकी जांच कर रही थी। लेकिन कुछ खास सामने नहीं आया था। सरकार ने अब मामले को सीबीआइ को सौंपने का फैसला ले लिया है।