OBOR फोरमः भारत ने किया बहिष्कार, CPEC पर चीन से बातचीत का आग्रह

Edited by: Ankur_maurya Updated: 14 May 2017 | 08:51 AM
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नई दिल्ली। चीन के महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट वन बेल्ट वन रोड(OBOR) को लेकर होने वाले सम्मेलन का भारत ने बहिष्कार कर दिया है। चीन के पाक के साथ रिश्ते और सी-पेक(CPEC) को लेकर भारत ने चीन से नाराजगी जाहिर की है और इस मसले पर बातचीत की इच्छा जताई है।

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बता दें कि चीन के वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट में एशिया, यूरोप और अफ्रीका को हाइवे, ट्रेनों और शिप के नेटवर्क के जरिए जोड़ने का प्लान है। इस पर 2 दिन का सम्मेलन रविवार से पेइचिंग में होने जा रहा है। भारत ने इस सम्मेलन के लिए निमंत्रण मिलने की पुष्टि की है, लेकिन इसमें भागीदारी पर चुप है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार रात कहा कि तथाकथित 'चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे' के बारे में भारत की स्थिति से दुनिया अच्छी तरह वाकिफ है। इस गलियारे को 'वन बेल्ट वन रोड' की प्रमुख परियोजना के रूप में पेश किया जा रहा है। कोई भी देश उस प्रोजेक्ट को स्वीकार नहीं कर सकता है, जो उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर मुख्य चिंताओं को अनदेखा करता हो।

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आपको बता दें कि कॉरिडोर की योजना गिलगित-बाल्टिस्तान से ले जाने की है, जो भारत का हिस्सा रहा है। सम्मेलन में शामिल होने या न होने पर स्पष्ट रुख अपनाने की जगह प्रवक्ता ने कहा कि हम कनेक्टिविटी की पहल, 'वन बेल्ट, वन रोड' पर सार्थक बातचीत करने के लिए चीन से आग्रह कर रहे हैं और हम चीनी पक्ष से सकारात्मक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

चीन जैसी आर्थिक महाशक्ति को नजरअंदाज नहीं कर सकतेः नेपाल

चीन के वन बेल्ट वन रोड में शामिल होने पर नेपाल ने कहा कि वह चीन को नजरअंदाज नहीं कर सकता है क्योंकि चीन ना केवल एक महान आर्थिक शक्ति है बल्कि वह उसका पड़ोसी भी है। गौरतलब है कि भूटान को छोड़ भारत के सभी पड़ोसी देश सम्मेलन में शिरकत करेंगे। शुक्रवार को नेपाल ने प्रोजेक्ट पर चीन के साथ समझौता किया। अमेरिका और रूस की भी मौजूदगी होगी।