एनडीटीवी पर बैन का विरोध राजनीति से प्रेरितः वेंकैया नायडू

Edited by: Editor Updated: 05 Nov 2016 | 08:38 PM
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नई दिल्ली। सूचना और प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने एनडीटीवी इंडिया पर एक दिन का प्रतिबंध लगाने को लेकर आलोचना करने वालों पर हमला बोला है।

नायडू ने कहा कि ‘देरी से हो रही आलोचना’ स्पष्ट रूप से एक विवाद पैदा करने के लिए 'आधी अधूरी सूचना और राजनीति से प्रेरित' है।

चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए वेंकैया नायडू ने कहा कि इस साल जनवरी में पठानकोट में सुरक्षा बल के आतंकवाद विरोधी अभियानों का लाइव कवरेज करने के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर एनडीटीवी के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर देरी से हो रही आलोचना स्पष्ट रूप से आधी अधूरी सूचना और राजनीति से प्रेरित है।

वेंकैया ने बताया, 'तीन नवंबर 2016 को सरकार के निर्णय के सार्वजनिक होने के एक दिन बाद ऐसी प्रतिक्रियाएं सामने आई जो स्पष्ट रूप से बिना बात विवाद पैदा करने की भावना से प्रेरित है।'

उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को जानना चाहिए कि 2005-14 के दौरान यूपीए सरकार ने 21 मामलों में कई टीवी चैनलों को बंद करने का आदेश दिया था। एक दिन से दो महीने की समयावधि के दौरान 'अडल्ट' प्रमाणपत्र वाली फिल्म दिखाए जाने वाले 13 मामले थे। उन्होंने बताया कि एक स्टिंग ऑपरेशन दिखाने पर एक चैनल को 30 दिनों के लिए बंद कर दिया गया था।

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने एनडीटीवी के प्रसारण पर एक दिन का बैन लगाने के फैसले की आलोचना की है। इस बारे में पूछे जाने पर नायडू ने कहा कि एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया एक जिम्मेदार संगठन है, लेकिन उसने जवाब देने में पूरा एक दिन लगाया।

उन्हें समझना चाहिए कि केबल टीवी नेटवर्क्स रेग्युलेशन एक्ट 1995 के तहत केंद्र सरकार किसी भी चैनल या प्रोग्राम के प्रसारण को रोक सकती है अगर उनसे देश की एकता, अखंडता या संप्रभुता को खतरा हो।