मद्रास हाईकोर्ट ने रद्द की 500-1000 के नोट बंद करने के खिलाफ PIL

Edited by: Editor Updated: 10 Nov 2016 | 02:58 PM
detail image नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मंगलवार को 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने के फैसले के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट का कहना है कि सरकार का “विमुद्रीकरण का फैसला देश की भलाई में है।” बता दें कि इंडियन नेशनल लीग के राज्य महासचिव एम सीनी अहमद ने अदालत में ये याचिका दायर की थी। याचिका में अहमद के वकील एएमए जिन्ना ने कोर्ट में कहा था कि नोट बंद किए जाने के फैसले से आम जनता को काफी परेशानी होगी, इसलिए इस फैसले को रद्द किया जाना चाहिए। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दायक की गई एक पीआईल की सुनवाई 15 नवंबर को करेगा। केंद्र सरकार ने गुरुवार (10 नवंबर) को सर्वोच्च अदालत में एक कैविएट दायर करके कहा है कि इस मामले में किसी भी तरह का अंतरिम आदेश पारित करने से पहले उसका पक्ष जरूर सुना जाए। सुप्रीम कोर्ट में 9 नवंबर को दिल्ली के वकील विवेक नारायण शर्मा ने एक जनहित याचिका दायर की थी जिसमें नरेंद्र मोदी सरकार के 500 और 1000 के नोट बंद करने के फैसले को चुनौती दी गई है। पीआईएल में कहा गया है कि सरकार के इस फैसले से लोगों के “जीवन और कारोबार से जुड़ा अधिकार” प्रभावित हुआ है। याची ने सर्वोच्च अदालत से सरकार के फैसले को रद्द करने की मांग की है। बता दें कि बुधवार को ही बॉम्ब हाई कोर्ट में भी 500 और 1000 के नोटों के विमुद्रीकरण के आदेश को रद्द कराने के लिए एक पीआईएल दायर की गई।