PM मोदी ने साहसिक फैंसले लिए, पहली बार दुनिया की निंगाहें भारत पर: RSS

Edited by: Shivani Updated: 30 Sep 2017 | 09:51 AM
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नागपुर। आरएसएस संगठन की स्थापना दिवस के मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस संगठन की स्थापना 27 सितंबर 1925 में हुई थी। उन्होंने इस कार्यक्रम को संबोधित भी किया। दशहरे का मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आसएसएस राजनीतिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक संगठन है।

भागवत ने अपने संबोधन में रोहिंग्या मुस्लिमों का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकी गतिविधियों की वजह से उन्हें म्यांमार से भगाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मानवता के नाम पर हम अपनी मानवता नहीं खो सकते हैं।

संघ प्रमुख ने केरल और बंगाल की राजनीतिक हिंसा पर बात करते हुए कहा कि वहां मानव विरोधी ताकत सक्रिय है, जो कि हिंसा को भड़का रहे हैं। इसके साथ ही डोकलाम विवाद से निपटने के लिए भागवत ने मोदी सरकार की भी तारीफ की है।

इसके साथ ही मोदी की कश्मीर नीति की भी सराहना की। भागवत ने माना कि मोदी सरकार में देश के अंदर तेजी से विकास हो रहा है। पहली बार दुनिया की निगाह भारत पर है। भागवत ने कहा कि सरकार ने साहसिक फैंसले लिए।

सेना पर बात करते हुए भागवत ने कहा कि सेना की सुविधाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उनके परिवार पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने पाक से आए हिंदुओ पर भी ध्यान देने की बात कही। आर्थिक नीति पर बात करते हुए भागवत बोले कि नीति ऐसी हो, जिससे सभी वर्गों का कल्याण हो।

भागवत ने मुंबई के हादसे पर भी दुख जताया। बता दें कि परेल-एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन पर पुल टूटने की अफवाह के चलते भगदड़ मच गई थी, जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी।