पाक करेगा ग्वादर बंदरगाह में चीनी नौसेना के जहाजों को तैनात

Edited by: Editor Updated: 26 Nov 2016 | 10:33 AM
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कराची। पाकिस्तान की नौसेना के एक अधिकारी ने कहा है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) के तहत बनने वाले सामरिक महत्व के ग्वादर बंदरगाह और व्यापारिक रास्तों की हिफाजत के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर चीन की नौसेना अपने जहाज यहां तैनात करेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक सीपीईसी परियोजना 46 अरब डॉलर की है। चीन और पाकिस्तान अरब सागर में ग्वादर बंदरगाह को चीन के शिंजियांग प्रांत से जोड़ने के लिए करीब 3,000 किलोमीटर लंबा आर्थिक गलियारा बना रहे हैं। 

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सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि ग्वादर बंदरगाह को क्रियान्वित किए जाने और सीपीईसी के तहत आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने के बाद समुद्री बलों की भूमिका बढ़ गई है। इससे पहले चीन यह कहने से बचता रहा है कि उसकी योजना ग्वादर में नौसैन्य पोत तैनात करने की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीपीईसी और ग्वादर बंदरगाह चीन और पाकिस्तान की सैन्य क्षमताएं बढ़ाएगा व अरब सागर में चीनी नौसेना की आसान पहुंच को संभव बनाएगा।

मिली जानकारी के मुताबिक ग्वादर में नौसैनिक अड्डा होने से चीनी जहाज हिंद महासागर क्षेत्र में अपने बेड़े की मरम्मत और रखरखाव जैसे कार्य के लिए भी बंदरगाह का इस्तेमाल कर पाएंगे। पाक अधिकारी ने यह भी बताया कि नौसेना चीन और तुर्की से तेज गति वाले जहाज खरीदने पर भी विचार कर रही है, ताकि सुरक्षा लिहाज से ग्वादर बंदरगाह पर अपनी एक विशेष टुकड़ी तैनात कर सके।