कामतानाथ दर्शन का लिए ट्रेन की छत पर बैठ पहुंचे यात्री

Edited by: Editor Updated: 24 Jul 2017 | 06:32 PM
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बांदा। सावन मास की अमावस्या पर पवित्र मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाने व भगवान कामतानाथ की परिक्रमा के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु चित्रकूट जाते हैं। जिससे इलाहाबाद की ओर जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें श्रद्धालुओं से खचाखच भरी जाती हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं ने ट्रेन की छत व इंजन पर बैठकर सफर किया। जीआरपी व आरपीएफ पुलिस के रोकने के बाद भी श्रद्धालु नहीं माने।

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दरअसल ट्रेनों में बैठना तो दूर खड़े होने की भी जगह नहीं थी। ऐसे में श्रद्धालुओं ने ट्रेन की छत व इंजन पर बैठकर सफर किया। जीआरपी व आरपीएफ पुलिस के रोकने के बाद भी श्रद्धालु नहीं माने। पुलिस घंटों यात्रियों को ट्रेन की छत व इंजन से उतारने के लिए मशक्कत करती रही। इंजन में यात्रियों के बैठे होने से झांसी मेल स्पेशल ट्रेन के चालक ने ट्रेन को आगे बढ़ाने से मना कर दिया। सूचना पर मौके पर पहुंचे स्टेशन प्रबंधक ने पुलिस की मदद से यात्रियों को इंजन से उतारा। तब जाकर ट्रेन आगे बढ़ सकी।

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जीआरपी इंस्पेक्टर पीएल प्रजापति का कहना है मेले में कोई खास दम नहीं है। मेला स्पेशल ट्रेनें खाली चल रही हैं। लेकिन यहां के लोगों की मानसिकता ही ठीक नहीं है। वह ट्रेन की छत पर बैठकर यात्रा करना ज्यादा बेहतर समझते हैं। जबकि ट्रेन की छत में बैठकर यात्रा करना जान जोखिम में डालना है। समझाने पर यात्री ट्रेन के नीचे उतर तो आते हैं लेकिन ट्रेन के चलने पर पुन: छत पर चढ़ जाते हैं। ऐसे में यात्रियों के साथ महज इस लिए जबरदस्ती नहीं की जाती है कि कहीं भगदड़ में कोई हादसा न हो जाए।