बांदाः सपा के लैपटॉप से ज्यादा भाया मोदी का सिलेंडर

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2017-03-14 07:34:58
बांदाः सपा के लैपटॉप से ज्यादा भाया मोदी का सिलेंडर

बांदा। यूपी विधानसभा चुनाव 2017 का परिणाम तो आ चुका है, लेकिन अब जगह-जगह हार जीत के कारणों की समीक्षा हो रही है। चुनाव के दिनों में बीजेपी के नेतृत्व की केंद्र सरकार और प्रदेश में सत्तारूढ़ सपा सरकार के बीच उपलब्धियों को लेकर खूब प्रचार-प्रसार किए गए।

एक तरफ केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के जरिए गांव में गरीब के घर एलपीजी गैस सिलेंडर पहुंचने का काम किया और मतदान पूर्व बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इसे जमकर भुनाया, जिसका परिणाम था कि पूरे यूपी में ही नहीं, बल्कि बांदा जिले में भी बीेजेपी की बंपर जीत हासिल हुई।

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वहीं,अखिलेश यादव के नेतृत्व में सत्तासीन सपा सरकार के लैपटॉप, बेरोजगारी भत्ता जैसी योजनाओं मतदाताओं ने घास तक नहीं डाला, जिससे करोड़ो रुपए खर्च करके तैयार किया गया उनका 'काम बोलता है' नारा भी फेल हो गया और बांदा जिले की चारो सीट बीजेपी की झोली में चला गया।

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मतदाताओं राय की मानें तो बांदा जिले में बीजेपी के एकतरफा जीत में केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा किए गए तीन बड़े काम रहे, जिन्हें जनता ने पूरी तरह से सपोर्ट किया। इनमें सबसे पहला था सर्जिकल स्ट्राइक, दूसरा नोटबंदी और इसके बाद तीसरा था प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, जिसने गांव-कस्बे के गरीबों के घर में एलीपीजी सिलेंडर पहुंचा दिया।

उक्त योजना के जरिए पहली बार ऐसा हुआ जब जाति धर्म से हटकर गरीब तबके के हजारों परिवारों में एकसाथ खुशियां आईं। जो गरीब माताएं पहले कंडों से खाना पकाती थीं, आज उन घरों में आसानी से गैस सिलेंडर के माध्यम से भोजन पक रहा है, जिसका चुनाव में बड़ा फायदा बीजेपी को मिला।

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वहीं, तीन तलाक के मुद्दे पर बीजेपी के रूख ने भी मुस्लिम महिला मतदाताओं के बीच सेंधमारी करने का काम किया जबकि तीन तलाक मुद्दे पर सपा सरकार की अस्पष्टता और  शहरों तक सीमित उनकी योजनाओं सपा का लुटिया डूबो दिया।। 


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