राहुल गांधी से लाख गुना अच्छे हैं असदुद्दीन ओवैसी, जानिए क्यों

Edited by: Shiwani_Singh Updated: 09 Jan 2018 | 09:11 PM
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नई दिल्ली। कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर विदेश में जाकर देश और देश के प्रधानमंत्री को नीचा दिखाने की को बातें कही है। वो हर बार भूल जाते हैं कि विदेशों में कोई चुनवाई रैली नहीं होती बल्की आप एक भारतीय सांसद होने के नाते देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें दूसरे नेताओं से कुछ सीखना चाहिए, फिर चाहे वो उनके ही पार्टी के नेता शशी थरूर क्यों ना हो या फिर AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी क्यों ना हो।

दरअसल, हमने इन दोनों नेताओं का जिक्र इसलिए किया क्योंकि चाहे देश में कितने भी मतभेद हों या फिर सरकार की कितनी भी आलोचना करनी हो ये सब देश के आंतरिक मामले होते हैं और जब आप विदेश में जाते हैं तो आपको देश की मर्यादा का ख्याल रखना होता है, इसी बात का ध्यान रखते हुए शशी थरूर और असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेता कभी भी विदेशों में भारत की सरकार या देश के प्रधानमंत्री के बारे में ऐसा कुछ नहीं बोलते जिससे देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे।

वहीं राहुल गांधी को ये बात समझ में नहीं आती और इसका नुकसान उन्हें और उनकी पार्टी को ही होता है। राहुल ने हाली ही में बहरीन के मनामा में ग्लोबल आर्गनाइजेशन ऑफ पीपुल ऑफ इंडियन ओरिजन की एक बैठक में उन्होंने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर जमकर हमला बलो, उन्होंने कहा कि वो लोगों को जाति और धर्म के आधार पर बांट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बेरोजगार युवाओं के गुस्से को समाज में नफरत में बदल रही है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से घृणा और विभाजन की शक्तियों से लड़ने में मदद की अपील की।

अगर हम बात करें उनके ही पार्टी के नेता शशि थरूर की तो उन्होंने ब्रिटेन की मशहूर 'ऑक्सफोर्ड यूनियन सोसाइटी' में भारत पर राज कर चुकी 'ब्रिटिश हुकूमत' की धज्जियां उड़ा दी थी। उनका 15 मिनट का भाषण यू-ट्यूब पर वायरल भी हुआ था जिसकी तारफी प्रधानमंत्री मोद ने भी की थी। थरूर ने ब्रिटेन से भारत को मुआवजा देने को कहा था। वीडियो को करीब 9 लाख बार देखा जा चुका है। इतना ही नहीं, उनके भाषण पर ऑनलाइन बहस भी शुरू हो गई थी।

वहीं अगर हम बात करें AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी की तो भले ही उनके विचार पार्टियों से अलग रहते हों, भारत में सरकार की कड़ी आलोचना करते हैं और भारत के कई लोग उन्हें पसंद ना करते हों, लेकिन जब भी वो कहीं विदेशों में भाषण देते हों तो वो केवल भारत की सकारत्मक बातें करते हैं और देश को नीचा दिखाने वाले को करारा जवाब भी देते हैं।

ओवैसी ने पाकिस्तान की एक डिबेट में पाकिस्तानियों को जब ये कहा था कि भारत में 'मुसलमान खुशी से रह रहा है आपको उनकी चिंता करने की जरूरत नहीं है'। तब सबकी आंखे खुलने लगी थी और उनकी तारीफ भी खूब हुई थी। ये कुछ अंतर हैं जो राहुल गांधी को इन सब नेताओं से बिल्कुल अगल-थलग कर देती है और इसलिए हम कह रहे हैं राहुल गांधी से कई लाख गुना अच्छे हैं असदुद्दीन ओवैसी।