SC जज विवाद पर राहुल गांधी का बयान, 'जजों द्वारा उठाए गए मुद्दे बहुत महत्वपूर्ण हैं'

Edited by: Web_team Updated: 12 Jan 2018 | 10:18 PM
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नई दिल्ली। ऐसा पहली बार हुआ है जब शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न्यायिक व्यवस्था के काम-काज पर सवाल उठाए हैं। इस मामले पर शुक्रवार की शाम को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने घर पर बैठक बुलाई थी।

वहीं, बैठक के बाद राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "ये बहुत संवेदनशील मामला है, चार जजों ने जो मुद्दे उठाए हैं वो बहुत महत्वपूर्ण हैं। जजों ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है इस पर ध्यान देने की जरूरत है।"

बता दें कि इस बैठक में पूर्व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद, कपिल सिब्बल, पी चिदंबरम, अहमद पटेल, मोतीलाल बोरा, मनीष तिवारी, काग्रेस लीगल सेल के हेड विवेक तन्खा और काग्रेंस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला शामिल हुए।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "आज सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, इसके साथ ही एक वो पत्र भी जारी किया जो उन्होंने चीफ जस्टिस को लिखा था। माननीय जजों की टिप्पणी बेहद परेशान करने वाली हैं। जजों की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का लोकतंत्र पर दूरगामी असर होगा।"

साथ ही राहुल गांधी ने जस्टिस लोया की मौत का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि इस मामले की जांच वरिष्ठ जज से करानी चाहिए। हमारी न्याय प्रणाली पर पूरा देश भरोसा करता है, इसीलिए आज हम इस पर बयान जारी कर रहे हैं।

बता दें कि बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस की सुनवाई करने वाले सीबीआई के स्पशेल जज बीएच लोया की 1 दिसंबर, 2014 को मृत्यु हो गई थी। लोया की मृत्यु नागपुर में हुई थी, वो अपने साथी की बेटी की शादी में वहां गए थे।

गौरतलब है कि सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर के साथ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत अन्य अधिकारियों का भी नाम जुड़ा था। अमित शाह को 2010 में सोहराबुद्दीन के फर्जी एनकाउंटर के केस में जेल भी जाना पड़ा था।