धार्मिक युद्धों में गई है सबसे ज्यादा लोगों की जानें: टी एस ठाकुर

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-11-21 03:29:31
धार्मिक युद्धों में गई है सबसे ज्यादा लोगों की जानें: टी एस ठाकुर

नई दिल्ली। भारत के प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर ने समाज में शांति के लिए सहनशीलता पर जोर देते हुए रविवार को कहा कि इंसान और ईश्वर के बीच का रिश्ता नितांत निजी होता है और इससे किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए।

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रोहिंटन एफ नरीमन की ओर से पारसी धर्म पर लिखी गई एक किताब के विमोचन के दौरान टी एस ठाकुर ने कहा कि जितने लोग राजनीतिक विचारधाराओं के कारण नहीं मारे गए, उससे कहीं ज्यादा लोगों की जान धार्मिक युद्धों में गई है।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में धर्म के नाम पर कलह की भवना भड़की हुई है, लोग बिना किसी विचार के एक दूसरे को मार रहे हैं। एक धर्म वाले दूसरे धर्म को काफिर मानते हैं वहीं दूसरे को नास्तिक, पुरी दुनिया में धर्म के नाम पर हो रही इस तबाही को रोकने के लिए लोगों को सामने आने की जरुरत है।

टी एस ठाकुर ने कहा मेरा धर्म क्या है ? मैं ईश्वर से खुद को कैसे जोड़ता हूं? ईश्वर से मेरा कैसा रिश्ता है? इन चीजों से किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए। आप अपने ईश्वर के साथ अपना रिश्ता चुन सकते हैं। मेरे धार्मिक मामलों में दखल देने का किसी को कोई अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा मेरा मानना है कि भाईचारा, सहनशीलता का संदेश और यह स्वीकार करना कि सभी रास्ते एक ही मंजिल और एक ही ईश्वर की तरफ जाते हैं, इससे विश्व में शांति और समृद्धि आएगी।


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