RBI की नीतिगत ब्याज दरों में कटौती संभव: वित्त मंत्रालय

Edited by: Shivani Updated: 24 Sep 2017 | 02:28 PM
detail image

नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था अपने सुस्त स्तर पर है। इसे तेज किए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वित्त मंत्रालय का कहना है कि खुदरा मुद्रास्फीति अपने निम्नतम स्तर पर बनी हुई है। इसलिए रिजर्व बैंक के सामने अगली मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में कटौती की गुंजाइश है।

अगले महीने के 4 अक्टूबर को रिजर्व बैंक की द्विमासिक मौद्रिक नीति की समीक्षा होगी। अधिकारी की मानें तो, मुद्रास्फीति के अनुमान मौद्रिक नीति में नरमी हो सकती है। मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार, सरकारी विश्लेषण इस तरीके से किए गए है कि आने वाले मध्यम काल में मुद्रास्फीति चार प्रतिशित के भीतर रहेगी।

अधिकारी ने कहा कि जैसे ही नोटबंदी और जी.एस.टी. का प्रभाव कम होगा उसके बाद विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि आएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रुपए की स्थिति मजबूत होने की वजह से भी यह क्षेत्र प्रभावित हुआ है।