रूस ने भी पकड़ी चीन की राह, आतंकी संगठनों पर साधी चुप्पी

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-10-18 15:04:37
रूस ने भी पकड़ी चीन की राह, आतंकी संगठनों पर साधी चुप्पी

गोवा। आतंकवाद के मसले पर ब्रिक्स में पाकिस्तान को अलग थलग करने की भारत की कोशिशों को चीन के बाद अब रूस ने भी झटका दे दिया है। पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिलने के बाद भले ही यह कहा हो कि एक पुराना दोस्त कई नए दोस्तों से बेहतर है।लेकिन रूस भी भारत की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। ब्रिक्स में पाकिस्तान को आतंकवाद की वजह से अलग-थलग करने के मुद्दे पर रूस ने भारत का समर्थन करने की बजाय इस पर चुप्पी साधे रखी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन पहले से ही जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा का नाम गोवा घोषणापत्र में लाने का रास्ता बंद कर चुका था। लेकिन रूस ने भी पाकिस्तान के इन दोनों आतंकवादी संगठनों को लेकर भारत के प्रस्ताव पर चुप्पी साधे रखी। जबकि ब्रिक्स में शामिल देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा घोषित आतंकवादी संगठनों की सूची को स्वीकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

रूस की चुप्पी के बाद भारत ब्रिक्स समिट में पाकिस्तान को उस तरह से घेर नहीं सका जैसा वह चाहता था। रूस के इस बदले रवैये की वजह उसकी हाल ही में पाकिस्तान के साथ बढ़ी नजदीकी भी है। पाकिस्तान के साथ रूस ने एंटी- टेरर एक्सरसाइज बताकर कई सैन्य अभ्यास किए हैं।

गौरतलब है कि भले ही रूस ने जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर-ए-तैयबा का नाम गोवा घोषणापत्र में शामिल करने में भारत की मदद न की हो लेकिन उसने सीरिया के जभात-अल-नुसरा संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित करने का समर्थन किया है। आपको बता दें कि रूस सीरिया में लगातार अल-नुसरा को अपना निशाना बना रहा है।


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