17 साल का हुआ उत्तराखंड, क्या केवल ‘रैबार’ कार्यक्रम से होगा विकास ?

Edited by: Ankur_maurya Updated: 07 Nov 2017 | 03:38 PM
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उत्तराखंड 9 नवंबर को अपनी उम्र के 17 साल पूरे करने जा रहा है। राज्य स्थापना दिवस ये सोचने का मौका देता है कि उत्तराखंड ने अब तक क्या खोया और क्या पाया। इसी के तहत सरकार ने रैबार कार्यक्रम आयोजित किया। इससे पहले पूर्व PCC अध्यक्ष किशोर उपाध्याय उत्तराखंड विमर्श कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं। सवाल ये उठता है कि क्या सिर्फ सोचने मात्र से ही उत्तराखंड की जनता के लिए कोई अमृत निकल पाएगा?

उत्तराखंड की 18वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें ना तो सरकार पीछे है और ना ही विपक्ष। राज्य की त्रिवेंद्र सरकार ने रैबार नाम से कार्यक्रम का आयोजन कर कई दिग्गजों को आमंत्रित किया। जिसमें आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत, प्रख्यात गीतकार प्रसून जोशी, पीएम मोदी के सचिव भास्कर खुल्बे, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष रमेश लोहानी के साथ ही कई दिग्गज शख्सियत मौजूद रही। जिन्होने उत्तराखंड के विकास में अपने-अपने सुझाव दिए।

वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दावा किया की इस कार्यक्रम में मिले सुझावों पर सरकार अमल करेगी, जिससे आने वाले समय में उत्तराखंड के विकास में तेजी आएगी। भले ही मुख्यमंत्री राज्य के विकास में रैबार कार्यक्रम को काफी सफल मान रहे हों, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह इस आयोजन पर तंज कसते हुए इसे बीजेपी की कोर ग्रुप की बैठक बता रहे है।

बहराल सत्ता पक्ष और विपक्ष भले कुछ भी कहें, लेकिन ये सच है कि उत्तराखंड के सामने चुनौतियां कई है। राज्य सरकार को उत्तराखंड में रोजगार, पलायन, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने पर संजीदा होना होगा और जल्द से जल्द धरातल पर इस ओर काम करना होगा।