शिया वक्फ बोर्ड ने लिखा PM मोदी को खत, कहा- 'आतंकी कर रहे फंडिंग, बंद किए जाए मदरसें'

Edited by: Shiwani_Singh Updated: 09 Jan 2018 | 08:57 PM
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नई दिल्ली। शिया वक्फ बोर्ड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है। इस खत में शिया वक्त बोर्ड ने मदरसों को खत्म करने की बात कही है। बता दें कि उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने पीएम को अपने लिखे खत में कहा, ''मदरसों की शिक्षा मुस्लिम बच्चों को समाज की मुख्यधारा से दूर कर रही है। मदरसों को मिलने वाली फंडिंग पर सवाल उठाते हुए कहा, ''इनके पास आतंकी संगठनों से पैसा आ रहा है।''

क्या कहा रिजवी ने?
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रिजवी ने पत्र में लिखा, ''मदरसों में जो बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उनकी शिक्षा का स्तर निचली सतह का है। ऐसे बच्चे सर्व समाज से दूर होकर कट्टरपंथ की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में मदरसों को खत्म करने की जरूरत है और उसकी जगह सामान्य शिक्षा नीति बनाई जानी चाहिए।''

मदरसों की शिक्षा पद्धति सवाल उठाते खत में रिजवी ने कहा, ''यहां से शिक्षा पाकर देश में युवा डॉक्टर, इंजिनियर और आईएएस अफसर तो नहीं बन सके, लेकिन मदरसों से आतंकी बनकर जरूर निकले हैं। वसीम रिजवी ने कहा है कि सच तो यह है कि मदरसों में शिक्षित युवा रोजगार के मोर्चे पर फेल साबित होते हैं। खासकर निजी क्षेत्र में जो रोजगार है, वहां मदरसा शिक्षा उनके कोई काम नहीं आती है।''

वसीम रिजवी ने पत्र में आगे लिखा, ''अधिकतर मदरसे जकात के पैसे से चल रहे हैं जो बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों से आ रहे हैं। कुछ आतंकवादी संगठन भी अवैध रूप से चल रहे मदरसों को फंडिंग कर रहे हैं। इसके अलावा ज्यादातर मदरसे सऊदी अरब के भेजे पैसे से चल रहे हैं। ऐसे में इसकी जांच की जानी चाहिए।

ओवैसी की प्रतिक्रिया
वहीं, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रिजवी के खत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'रिजवी बहुत बड़े अवसरवादी नेता हैं। उन्होंने अपनी आत्मा आरएसएस को बेच दी है। मैं रिजवी को चुनौती देता हूं कि वह एक भी ऐसा मदरसा बता दें, जहां इस तरह की पढ़ाई हो रही है।''