26/11 हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की थी तैयारी: शिवशंकर मेनन

Edited by: Editor Updated: 28 Oct 2016 | 12:09 PM
detail image

नई दिल्ली। साल 2008 में जब 26 नवंबर को आतंकियों ने मुंबई के ताज होटल पर हमला किया था, उस समय तत्कालीन विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने इस हमले के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी।

जानकारी के मुताबिक उस समय मेनन ने कहा था कि हमलें इस हमले के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, भले ही यह कार्रवाई पाकिस्तान के पंजाब स्थित मुरिद्के प्रांत में लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ किया जाए या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे लश्कर के कैंप पर की जाए या फिर आईएसआई के खिलाफ की जाए।

मेनन ने उस समय कार्रवाई पर स्पष्ट किया था कि ऐसा करने से देश के लोगों को भावनात्मक संतुष्टि मिलेगी।

दरअसल शिवशंकर मेनन की, 'च्वाइसेस: इनसाइड द मेकिंग ऑफ इंडियाज फॉरेन पॉलिसी' एक किताब लिखी है, जिसमें मेनन ने भारत, पाकिस्तान, अमेरिका और भारत के कई देशों के साथ दोस्ती के रिश्तों के बारे में बड़े खुलासे किए है।

किताब में मेनन ने लिखा है,' उस समय मेरा मानना था कि भारतीय सेना की कार्रवाई से पूरी दुनिया में तीन दिनों तक चले इस हमले के चलते भारतीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता पर जो सवालिया निशान खड़े हुए थे, उन आरोपों का जवाब देने में मदद मिलती और छवि सुधरेगी।

बता दें कि नवाज शरीफ मेनन ने किताब में 'रेस्ट्रेंट और रिपोस्टे: द मुंबई अटैक एंड क्रॉस-बॉर्डर टेरेरिज्म फ्रॉम पाकिस्तान' (संयम या जवाबी प्रहार: मुंबई हमले और पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद) नाम के शीर्षक के तहत लिखा है कि उस समय भारतीय सेना द्वारा जवाबी कार्रवाई नहीं की जा सकी, क्योंकि उस समय राजनीतिक और अन्य बातों पर ध्यान दिया गया, लेकिन वो समय पाकिस्तान पर कार्रवाई करने के लिए उपयुक्त समय था।