तो क्या अब ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की कोशिश में है BJP?

Edited by: Priyanka Updated: 18 Jan 2018 | 03:26 PM
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नई दिल्ली। देश में नोटबंदी और GST जैसे अहम फैसलों को लागू करने के बाद मोदी सरकार अब एक और बड़ा फैसला ले सकती है, जिसके लागू होने पर भारत में होने वाले चुनावों की प्रक्रिया का ही कायापलट हो जाएगा। बता दें भाजपा अब ''एक राष्ट्र एक चुनाव'' के मुद्दे को आगे बढ़ाने में जुट गई है। पार्टी ने इसकी जिम्मेदारी अपने ही एक नेता को सौंप दी है जो इस समय देश में इसके पक्ष में माहौल तैयार करने की लग गए हैं।

इसके लिए भाजपा से जुड़े एक संस्थान ने लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ कराए जाने को सबसे बड़ा सुधार करार देते हुए ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मुद्दे पर अपनी तरह के पहले राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन की घोषणा की है।

भाजपा सांसद और पार्टी उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने बताया कि भाजपा से जुड़ी एक संस्थान रामभाऊ म्हाल्गी प्रबोधिनी (आरएमपी), 20-21 जनवरी को मुंबई में दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन करेगा। इसमें इस बात पर जोर दिया जाएगा कि एक साथ लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों के आयोजन से देश की विभिन्न चुनौतियों का समाधान निकल सकता है।

आरएमपी के उपाध्यक्ष सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि नीति आयोग और एक संसदीय समिति ने एक बार में चुनाव कराने की हिमायत की है और इस सम्मेलन से ये मुद्दा लोक विमर्श का विषय बनेगा। बयान में कहा गया है कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ भारतीय लोकतंत्र का सबसे बड़ा सुधार साबित होगा।