अभी भी दुकानों में काम करने को मजबूर हैं छोटे बच्चे

Edited by: Editor Updated: 04 Jul 2017 | 05:07 PM
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बांदा। जिस उम्र में बच्चों को खेलना-कूदना चाहिए उस उम्र में जिम्मेदारियों का ऐसा बोझ लाद दिया गया है कि बहुत से बच्चे अभी भी शिक्षा से वंचित रहने को मजबूर हो जाते हैं। कई छोटी-बड़ी दुकानों व प्रतिष्ठानों में कम उम्र के बच्चे काम पर लगे देखे जा सकते हैं।

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शासन के सख्त निर्देश हैं कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए शिक्षा व श्रम विभाग द्वारा प्रयास भी किए जाते हैं। हर साल ड्राप आउट बच्चों को चिन्हित कर उनका दाखिला स्कूलों में कराया जाता है बावजूद इसके अभी भी कई दुकानों व प्रतिष्ठानों में कम उम्र के बच्चे काम करते नजर आ जाएंगे। चाय की दुकानों में लगे ऐसे बच्चे अक्सर हाथ में केतली लेकर ग्राहकों तक चाय पहुंचाने का काम करते हैं। जो दावों की पोल भी खोलते हैं।

उधर श्रम उपायुक्त आरबी लाल का कहना है कि किसी भी प्रतिष्ठान व दुकान पर नाबालिग बच्चों से काम नहीं लिया जा सकता। उनके विभाग द्वारा समय-समय पर छापेमारी की कार्रवाई की जाती है। जो भी दोषी मिलता है उसके विरुद्ध कार्रवाई भी करते हैं। अप्रैल में कई दुकानों में छापे डाले गए और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की गई है।