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बोर्डरूम वॉर के चलते टाटा ग्रुप का बढ़ सकता है लोन

Edited By: Editor
Updated On : 2016-11-07 22:56:31
बोर्डरूम वॉर के चलते टाटा ग्रुप का बढ़ सकता है लोन
बोर्डरूम वॉर के चलते टाटा ग्रुप का बढ़ सकता है लोन

नई दिल्ली। रतन टाटा और सायरस मिस्त्री के बीच चल रही बोर्डरूम वॉर के चलते टाटा ग्रुप की कंपनियों की उधारी लागत बढ़ सकती है। हाल ही में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स ने टाटा संस के फॉर्मर चेयरमैन मिस्त्री को सपोर्ट किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक बैंकरों का कहना है कि टाटा संस अपने ग्रुप की कंपनियों की गारंटी रिन्यू नहीं करती है तो उनकी उधारी लागत में 0.50-1 पर्सेंट तक की बढ़ोतरी हो सकती है। मिस्त्री को पिछले महीने टाटा संस के चेयरमैन के पद से हटाकर रतन टाटा को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया। हालांकि, मिस्त्री अभी भी आईएचसीएल जैसी टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के चेयरमैन बने हुए हैं।

बैंकरों ने आगे कहा कि ग्रुप की जिन कंपनियों को अच्छा कैश फ्लो हासिल हो रहा है और जिनके पास एसेट्स हैं, उनके लिए गारंटी वापस लिए जाने के बाद भी लोन लेने की शर्तें ज्यादा नहीं बदलेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन कंपनियों के लिए टाटा संस ने गारंटी दी है, वह उन्हें अचानक वापस नहीं ले सकती क्योंकि ये बैंकों के साथ किए गए लीगल कॉन्ट्रैक्ट हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक प्राइवेट सेक्टर के एक बैंक के सीईओ ने कहा, 'अगर टाटा संस ग्रुप की कंपनियों से सपोर्ट वापस लेता है तो इन कंपनियों के लोन पर रिस्क प्रीमियम बढ़ सकता है। हालांकि, इन कंपनियों के पास अपनी एसेट्स हैं। उन्हें कैश फ्लो हासिल हो रहा है। इसलिए भले ही इन कंपनियों को लोन लेने में परेशानी ना हो, लेकिन इसकी लागत बढ़ सकती है।'


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