ताऊ, थोडा कम खाया-पिया कर !

Edited by: Admin Updated: 23 Dec 2016 | 07:42 PM
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एक बार राजू अपनी बीवी के साथ ट्रेन में यात्रा कर रहा था।

राजू की बीवी को सर्दी लगने लगी तो उसने खिड़की बंद करने को कहा।

राजू उठकर खिड़की बंद करने की कोशिश करने लगा पर उससे नहीं हुआ।

तभी सामने की सीट पर बैठा एक बुड्ढा उठा और एक झटके में खिड़की बंद करके राजू से बोला - `बेटा, कुछ खाया-पीया कर !`

राजू झेंपकर रह गया।

थोड़ी देर बाद उसकी बीवी फिर बोली, गर्मी लग रही है। खिड़की खोल दो न प्लीज !

राजू उठकर खिड़की खोलने लगा मगर उससे नहीं खुली।

बुड्ढा फिर उठा और एक झटके में खिड़की खोलकर बोला, बेटा, कुछ खाया-पिया कर !

अब तो राजू को बहुत शर्म महसूस हुई। बुड्ढे ने दो बार बेइज्जती कर दी थी। वो बदला लेने की सोचने लगा।

कुछ देर बाद राजू उठा और ट्रेन रोकने वाली चैन को पकड़ कर ऐसे हाव-भाव करने लगा जैसे वो चैन को खींचना चाहता हो...

यह देखकर बुड्ढा फिर उठा और राजू को एक ओर हटाकर एक झटके में जंजीर खींचकर बोला - `बेटा, कुछ खाया-पिया कर !`

राजू कुछ नहीं बोला बस मुस्कुराकर रह गया।

जंजीर खींचने से ट्रेन रुक गई और रेलवे पुलिस जंजीर खींचने वाले को तलाशते हुए उसी डब्बे में आ गई और बिना कारण जंजीर खींचने के जुर्म में बुड्ढे को पकड़ लिया।

जब पुलिस बुड्ढे को ले जाने लगी तो उसने गुस्से से राजू की ओर देखा ...

राजू मुस्कुराते हुए बोला - `ताऊ, थोडा कम खाया-पिया कर!