तीस्ता पर लगा एनजीओ के फंड के निजी इस्तेमाल का आरोप

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-12-02 12:46:21
 तीस्ता पर लगा एनजीओ के फंड के निजी इस्तेमाल का आरोप

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति ने 2002 दंगा पीड़ितों की मदद के लिए अपने एनजीओ को मिले 9.75 करोड़ रुपए में से 3.85 करोड़ रुपए निजी कार्यों में खर्च किए। गुजरात पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में यह दावा करते हुए कहा कि उसके पास इस बात के दस्तावेजी प्रमाण हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक अपने 83 पन्नों के ऐफिडेविट में एसीपी राहुल पटेल ने कोर्ट को विस्तार से बताया कि सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद के साथ-साथ उनके ट्रस्टों सेंटर फॉर जस्टिस ऐंड पीस (सीजेपी) और सबरंग ने शिकायतों की जांच के लिए जरूरी दस्तावेज मुहैया कराने में मदद नहीं की।

यह भी पढ़ें- अमरिंदर सिंह ने दी अरुण जेटली को चुनौती, कहा उपचुनाव लड़ कर दिखाएं

जानकारी के मुताबिक ऐफिडेविट में कहा गया है कि पुलिस ने गुलबर्ग सोसायटी के दंगा पीड़ितों की उन शिकायतों की जांच के लिए जरूरी दस्तावेज मांगे थे, जिनमें सीतलवाड़ और उनके पति पर आरोप लगाया गया था कि उनके पास चंदे की राशि जमा हो गई तो दोनों वादे के मुताबिक दंगा पीड़ितों को मदद से मुकर गए।

सूत्रों के मुताबिक सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद की अग्रिम जमानत याचिका गुजरात हाई कोर्ट से खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को दोनों की गिरफ्तारी से रोक लिया, लेकिन दोनों को जांच के लिए जरूरी दस्तावेज पुलिस को सौंपने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के अलावा दोनों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का भी दरवाजा यह कहते हुए खटखटाया था कि गुजरात पुलिस ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए षडयंत्रकारी अभियान छेड़ रखा है।

यह भी पढ़ें- गुजरात में भी बजा BJP का डंका, उपचुनाव में जीतीं 23 सीटें

गौरतलब है कि सीतलवाड़ ने 2002 के दंगा पीड़ितों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को मनाने में सफलता पा ली, जो दंगे की 9 भयावह घटनाओं की जांच करे। गुजरात पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि उसने 2007 से 2014 तक सीतलवाड़ और उनके पति के साथ-साथ सीजेपी, सबरंग के बैंक खातों की जांच की।

पुलिस के मुताबिक दोनों एनजीओज को इस दौरान देश और विदेश से कुल 9.75 करोड़ रुपए के दान मिले। पुलिस का दावा है कि सीतलवाड़ और उनके पति ने दान की इस रकम में से 3.85 करोड़ रुपए का इस्तेमाल व्यक्तिगत खर्चों पर किया।

पुलिस ने बताया कि 1 जनवरी 2001 को दोनों ने यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की मुंबई शाखा में दो अकाउंट्स खुलवाए, जिनमें 31 दिसंबर 2002 तक पैसे जमा नहीं किए गए थे, लेकिन जनवरी 2003 से लेकर दिसंबर 2013 के बीच आनंद ने 96.43 लाख रुपए, जबकि सीतलवाड़ ने 1.53 करोड़ रुपए


अन्य राज्य पर शीर्ष समाचार