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पुराने नोटों को जमा कराने के मामले में उत्तराखंड में सबसे अव्वल टिहरी

Edited By: Editor
Updated On : 2016-11-25 16:18:40
पुराने नोटों को जमा कराने के मामले में उत्तराखंड में सबसे अव्वल टिहरी
पुराने नोटों को जमा कराने के मामले में उत्तराखंड में सबसे अव्वल टिहरी

देहरादून। नोटबंदी के बाद हफ्तेभर तक पुरानी करेंसी जमा कराने के मामले में सबसे अव्वल टिहरी जिला रहा है। खबर है कि टिहरी जिले में सर्वाधिक 33 करोड़, हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर में 28-28 करोड़ तो देहरादून में 25 करोड़ की राशि जमा हुई। डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंकों और स्टेट कोऑपरेटिव बैंक में हुई जमा धनराशि को भी शामिल किया जाए तो यह आंकड़ा करीब 235 करोड़ तक पहुंच रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक इसमें से 130 करोड़ की धनराशि 8 नवंबर से पहले जमा बताई जा रही है। पुरानी करेंसी जमा होने के मामले में टिहरी, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और हल्द्वानी सबसे आगे रहे।

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आपको बता दें कि हल्द्वानी में करीब 21 करोड़ जमा कराए गए है। अन्य जिलों में चमोली में 16 करोड़, उत्तरकाशी में 13 करोड़, पिथौरागढ़ में 10.84 करोड़, अल्मोड़ा में 7.26 करोड़ व पौड़ी में 7 करोड़ जमा कराए गए। इनमें डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंकों में 35 करोड़ से अधिक और स्टेट कोऑपरेटिव बैंक में 7 करोड़ से अधिक करेंसी जमा हुई है।

मिली जानकारी के मुताबिक पुरानी करेंसी बड़ी संख्या में जमा होने से ये बैंक आरबीआइ की निगरानी में आ चुके हैं। रिजर्व बैंक इन बैंकों में ट्रांजेक्शन बंद कर चुका है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। बैंकों के अधिकतर किसान बताए जा रहे हैं। किसान खाद और बीज खरीद के लिए इन बैंकों से ट्रांजेक्शन नहीं कर सकेंगे।

वहीं, डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक देहरादून के उपाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने कहा कि कोऑपरेटिव बैंक ने आरबीआइ के निर्देशों के मुताबिक ही काम किया है। अब कोऑपरेटिव बैंक की शाखाएं सीबीएस हो चुकी हैं। खातों में अधिक धनराशि जमा होने की जानकारी आयकर विभाग को भी दी जाती है। उन्होंने कहा कि जिला सहकारी बैंकों में कोई गलत कार्य नहीं हुआ है। इसकी जांच कराई जा सकती है।


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