प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-10-19 17:37:44
प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

नैनीताल। उत्तराखण्ड में युवाओं को नशा मुक्त करने के लिए न्यायपालिका आगे आई है। देहरादून में पकड़ी गई ढाई किलो चरस के मामले में सजायाफ्ता की अपील पर सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने कहा कि नशीले पदार्थों का उत्पादन, परिवहन, व्यापार करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाए। इसके लिए हाईकोर्ट ने प्रदेश पुलिस को निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि देहरादून निवासी हरिहर राम की अपील पर सुनवाई हुई। हरिहर ढाई किलो चरस के साथ पकड़ा गया था। निचली कोर्ट से उसे दस साल कैद व एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। निचली कोर्ट के फैसले को हरिहर द्वारा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई थी। हाईकोर्ट ने हरिहर की सजा को बरकरार रखा है।

इस मामले की सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक से अधीनस्थों को यह दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है कि मादक पदार्थों का स्रोत क्या हैं, उसके आवागमन के रास्ते और किस आदमी तक कैसे पहुंचता है। इस पर कोर्ट में जवाब देने के लिए कहा है।

साथ ही कोर्ट ने सचिव गृह को राज्य के नशा प्रभावित जिलों में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी के अधीन टास्क फोर्स का गठन करने और मादक पदार्थों के व्यापारिक स्तर पर पकड़े जाने पर जांच आइपीएस के निर्देशन में करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों व गवाही से पलटने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने, बेहतर व तेजतर्रार पुलिस कर्मियों को इस काम में लगाने को कहा है।


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