36 घंटे के अंदर लिंग जांच के विज्ञापन हटाएं सर्च इंजन्स: सुप्रीम कोर्ट

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-11-17 12:29:23
36 घंटे के अंदर लिंग जांच के विज्ञापन हटाएं सर्च इंजन्स: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। बुधवार को लिंग निर्धारण से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए एक अहम फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने गूगल, याहू और माइक्रोसाफ्ट जैसे बड़े सर्च इंजन से कहा कि वो 36 घंटे के भीतर अपनी साइट से ऐसे विज्ञापनों को हटाएं जो जन्म से पहले लिंग निर्धारण संबंधी जानकारी देते हैं।

कोर्ट ने इसके साथ ही केन्द्र सरकार को निर्देश कि वह एक नोडस एजेन्सी को नियुक्त करें, जो इन वेबसाइट्स पर नजर रख सकें। सुनवाई के दौरान जज दीपक मिश्रा और जज अमिताव राय की पीठ ने कहा कि ये नोडल एजेन्सी इन सर्च इंजन को उनकी वेबसाइट पर ऐसे किसी भी विज्ञापन के बारे में सूचित करेगी ।

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, 'हम केन्द्र सरकार को एक नोडल एजेन्सी गठित करने का निर्देश देते हैं जो टीवी, रेडियो और समाचार पत्रों में विज्ञापन देगी कि यदि किसी व्यक्ति को ऐसी कोई जानकारी मिलती है जिसमें प्रसव पूर्व चरण में लिंग की पहचान की जाती है तो वह इसे नोडल एजेन्सी के संज्ञान में लाएगा।

बता दें कि मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने देश में गिर रहे लिंग अनुपात पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि'लड़का होगा या लड़की' जैसी जानकारी भारत में जरूरी नहीं है। लिंग अनुपात यहां गिरता जा रहा है ओर हम इसे लेकर चिंतित हैं।


राष्ट्रीय पर शीर्ष समाचार