नोटबंदी से किन्नर पशोपेश में है, लेकिन जताई खुशी

Edited by: Editor Updated: 17 Nov 2016 | 06:29 PM
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दमोह। आधी रात में बंद हुए 500-1000 के नोट का असर समाज में रहने वाले किन्नरों पर भी काफी पड़ा हैं। रोजाना हजारों की बख्शीस हासिल करने वाले किन्नरों को इन दिनों चंद रुपए से ही संतोष करना पड़ रहा है। इसके बावजूद वे मोदी सरकार के फैसले से खुश हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक किन्नर समाज के गुरु हाजी नूर मोहम्मद ने कहा कि जो हुआ अच्छा हुआ। हम इसलिए ज्यादा नहीं सोचते क्योंकि हमारे पास जो है, वह लोगों का दिया है, चिंता वो करें जिन्होंने गलत तरीके से धन जमा किया है। बस इतना जरूर है कि नोटबंदी के बाद हमें मिलने वाली बख्शीस कम हो गई है।

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मोहम्मद ने बताया कि नोद बंदी के फैसले के बाद भी वो लोगों की खुशियों में शामिल होने जा रहे हैं, लेकिन 1000 व 500 के नोट बंद होने के कारण उन्हें मिलने वाली राशि में कमी आई है। पहले हजार-दो हजार रुपए आसानी से मिल जाते थे, लेकिन अब फुटकर के चक्कर में लोग हाथ सिकोड़ने लगे हैं। उनकी भी मजबूरी है। घंटों लाइन में लगने के बाद जिसे चंद रुपए मिले हों वह पहले अपने घर के जरूरी काम निपटाएगा ना कि बख्शीस देगा।