68 साल बाद दिखा सबसे बड़ा और चमकीला चांद!

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-11-14 16:11:28
68 साल बाद दिखा सबसे बड़ा और चमकीला चांद!

नई दिल्ली। पिछले कई दिनों से फेसबुक पर सुपरमून का नोटिफिकेशन बार-बार आ रहा है। क्या आपने सोचा कि आखिर ये सुपरमून है क्या? आज हम आपको बताने वाले हैं कि क्या है ये सुपरमून और इसके बारे में जानना आपके लिए जरूरी क्यों है?

चंद्रमा की सुंदरता की कहानियां तो आपने बहुत सुनी होंगी लेकिन सूपरमून का जिक्र पुरानी सभ्यता व खगोल ग्रंथ में नहीं मिलता। सुपरमून शब्द का पहली बार प्रयोग सर्वप्रथम वर्ष 1979 में हुआ। इसे ज्योतिषी रिचर्ड नौले ने प्रयोग किया। सुपरमून तब बनता है, जब चांद पूर्णिमा के समय अपनी निकटतम स्थिति के 90 फीसद या उससे भी अधिक भीतर आ जाता है।

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आपको बता दें कि इस बार चंद्रमा अपनी कक्षा में चक्कर लगाते हुए पृथ्वी के बेहद करीब आ रहा है। इस कारण वह आकार में दूर की स्थिति की तुलना में 14 फीसद बड़ा नजर आने वाला है। यह नजारा बेहद अनूठा होने जा रहा है। इसे कैमरे में कैद करने के लिए चंद्रमा पर शोध कर रहे वैज्ञानिको व चित्रकार तैयारियों में जुट गए हैं। 14 नवंबर को पूरी रात चांद अपनी चमक से पृथ्वी को भी रोशन करेगा।

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गौरतलब 68 साल बाद आज सबसे बड़ा और चमकीला चांद दिखेगा। यह पृथ्वी से करीब 50 हजार किलोमीटर करीब होगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि सोमवार को निकलने वाला पूर्ण चंद्रमा पिछले 68 सालों के बाद पृथ्वी के सबसे करीब होगा।नासा ने यह भी कहा है कि जो लोग आज चूक गए उन्हें इस तरह की घटना के दीदार के लिए साल 2034 तक इंतजार करना पड़ सकता है।


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