राष्ट्रपति ने नेपाल यात्रा को बताया दोस्ती का मिशन

Edited by: Editor Updated: 05 Nov 2016 | 12:09 PM
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नेपाल की तीन दिन की राजकीय यात्रा के बाद आज भारत लौट आए हैं। उन्होंने अपनी इस यात्रा को ‘दोस्ती का मिशन’ बताया। दोनों देशों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि इस समय जारी द्विपक्षीय विकास और संपर्क परियोजनाओं तथा अप्रैल 2015 के भूकंप के बाद नेपाल के पुनर्निर्माण की परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाए।

रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा,‘हमारा भविष्य एक दूसरे से जुड़ा है और साझा समृद्धि को आगे बढ़ाने की जरूरत दोनों ओर महसूस की जाती है। भारत नेपाल को शांति, स्थायित्व और विकास के उसके जज्बे में सहयोग देने के लिए कटिबद्ध है।'

उन्होंने आगे कहा,‘दोनों पक्ष सहमत हैं कि अब ध्यान नेपाल में वर्तमान द्विपक्षीय विकास एवं कनेक्टिविटी परियोजना तथा भूकंप पश्चात पुनर्निर्माण परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर जाना चाहिए।’

सूत्रों के मुताबिक मुखर्जी पशुपतिनाथ मंदिर भी गए और पूजा अर्चना की। राष्ट्रपति ने इस दौरान घोषणा की कि भारत बागमती तट पर स्थित इस मंदिर के पास घाटों की मरम्मत और पुनर्निर्माण करेगा। आपको बता दें कि पिछले 18 बरस में नेपाल की यात्रा करने वाले प्रणव मुखर्जी भारत के प्रथम राष्ट्रपति हैं।