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दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूरी विधि से करें पूजा

Edited By: Editor
Updated On : 2016-10-30 02:25:27
दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूरी विधि से करें पूजा
दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूरी विधि से करें पूजा

नई दिल्ली। दिवाली धूमधाम से मनाया जाना वाला त्योहार है। जहां इस दिन धनाढ्य अपनी और श्रीवृद्धि के लिए अनुष्ठान करते हैं तो वहीं सामान्यजन भी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उसी श्रद्धाभाव से उन्हें याद करते हैं कि उन पर लक्ष्मी की कृपा हो और उनके घर में भी धन-वैभव बरसे। इस दिवाली कैसे करें लक्ष्मी पूजन, चलिए हम आपको बताते हैं।

आपको बता दें कि अमावस्या रात 11:10 तक रहेगी, जिसके अंदर आपको मां लक्ष्मी की पूजा करनी होगी। दिवाली पूजन का शुभ समय सायंकाल स्थिर लग्र वृषभ एवं सिंह लग्र माने गए हैं।
सुबह का शुभ समय : 8.00 से 12:10 तक
प्रदोष काल : 17:37 से 20:14 तक
स्थिर वृष लग्र में घर में पूजा का समय : सायं 18:30 से 20:25 तक
निशीथ काल : 20:14 से 22:52 तक
कर्क लग्र में : 22:39 से 24:58 तक
महा निशीथ काल: 22:52 से 25:31 तक

अब पूजन की विधी- पहले चौकी पर लाल वस्त्र बिछा कर थाली रखें। कलश, धूप दीप रखें। कलश में जल भर कर उसमें गंगाजल, थोड़े से चावल, एक चांदी या सिक्का डाल दें । कलश पर आम के 5 या 7 पत्ते रखें। पानी वाले नारियल पर 3 या 5 चक्र कलावा या मौली बांधकर कलश पर रख दें। गणेश जी व लक्ष्मी जी तथा श्रीयंत्र रखें।

उसके बाद केसर, चंदन से स्वास्तिक बना कर गणेश जी, लक्ष्मी जी व श्रीयंत्र को स्थापित करें। लक्ष्मी जी को गणेश जी के दाएं रखें। गणेश जी पर अक्षत-पुष्प चढ़ाएं। पंचामृत-दूध ,दही, घी, शहद व शक्कर से स्नान कराएं फिर जल डालें। मौली, जल, चंदन, कुमकुम, चावल, पुष्प, दूर्वा, सिंदूर ,रौली इत्र, धूप दीप, मेवे प्रसाद फल पान, सुपारी, लौंग, इलायची बारी-बारी चढ़ाएं।

दूध, दही, घी, मधु, शक्कर पंचामृत, चंदन, गंगा जल से प्रतिमा को स्नान करवाएं। वस्त्र, उपवस्त्र, आभूषण, चंदन, सिंदूर, कुमकुम, इत्र, फूल आदि समर्पित करें। लक्ष्मी जी की प्रतिमा के हर अंग को पुष्प से पूजें।

फिर तेल का एक चौमुखी दीपक और 21 छोटे दीपक जलाएं। प्रथम मूर्तियों पर तिलक लगा कर फिर अपने व अन्य सदस्यों के कलावा बांधें, तिलक लगाएं। गुरु तथा लक्ष्मी जी का ध्यान करें। हाथ जोड़ कर गणपति व अन्य देवी-देवताओं को नमस्कार करें।