तीन तलाक और यूनिफॉर्म सिविल कोड दो अलग मुद्देः जेटली

Edited by: Editor Updated: 16 Oct 2016 | 07:28 PM
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा तीन तलाक के विरोध में याचिका दायर करने के बाद से ही देश में इस मुद्दे पर बहस छिड़ी हुई है। लेकिन देश में जारी इस बहस के बीच सरकार की स्थिति साफ होती नजर आ रही है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को ब्लॉग लिखकर सरकार का नजरिया स्पष्ट करने की कोशिश की है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि तीन तलाक और समान नागरिक संहिता दो अलग-अलग मुद्दे हैं। पर्नसल लॉ पर वित्त मंत्री ने अपनी राय साफ करते हुए कहा है कि कोई भी पर्सनल लॉ संविधान के हिसाब से ही होना चाहिए।

वित्त मंत्री ने आगे लिखा कि तीन तलाक की संवैधानिक वैधता और समान आचार संहिता पूरी तरह अलग हैं। सरकार का नजरिया साफ है कि पर्सनल लॉ संविधान के हिसाब से ही होना चाहिए। तीन तलाक को भी समानता के अधिकार और सम्मान के साथ जीने के पैमाने पर ही परखा जाना चाहिए। ये कहने की जरूरत नहीं कि दूसरे पर्सनल लॉ पर भी यही पैमाना लागू होता है।

गौरतलब है कि कि सरकार की तरफ से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भी ये बात पूरी तरह साफ की जा चुकी है कि तीन तलाक और सामान नागरिक संहिता अलग-अलग मुद्दे हैं।