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उत्तराखंड में बढ़ा शराब की बिक्री का समय, क्या शराब माफिया को संरक्षण दे रही है सरकार ?

Edited By: Ankur Maurya
Updated On : 2017-10-11 21:11:39
उत्तराखंड में बढ़ा शराब की बिक्री का समय, क्या शराब माफिया को संरक्षण दे रही है सरकार ?
उत्तराखंड में बढ़ा शराब की बिक्री का समय, क्या शराब माफिया को संरक्षण दे रही है सरकार ?

उत्तराखंड में शराब पर संग्राम जारी है। उत्तराखंड में सरकार ने शराब को लेकर एक बार फिर पलटी मारी है। पहले तो पर्वतीय क्षेत्रों में मदिरा की दुकानें खुलने का समय घटाकर वाहवाही लूटी और अब फिर पहाडों में शराब की बिक्री का समय बढाकर 12 घंटे कर दिया। सरकार का कहना है कि जनता की मांग पर ये निर्णय लिया गया है। वहीं विपक्ष सरकार पर शराब माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगा रही है।

जब लक्ष्य निवेश को आकर्षित करना और सरकारी तिजोरी भरना भर रह जाए तो सरकार की योजनाएं कैसी होती हैं। उसकी तस्दीक करता है उत्तराखंड कैबिनेट का हालिया फैसला जो ये कहता है कि उत्तराखंड की पहाड़ों पर अब शराब की दुकानें बारह घंटे खुला करेंगी, सुबह 10 बजे से रात 10 बजे। आबकारी से जुड़े कैबिनेट के एक निर्णय ने फिर से त्रिवेंद्र सरकार को कटघरे में खडा कर दिया है।

अब पहाड़ों में सुरा से अपना हलक तर करने वाले सुबह दस बजे से रात दस बजे तक अपनी मन पंसद शराब किसी भी दुकान से खरीद सकेंगे। यानी मतलब साफ है कि आबकारी विभाग के टारगेट को पूरा करने के लिए बीजेपी सरकार ने पलटी मार दी है। सरकार के इस निर्णय से उनके अपने ही सहमत नहीं हैं और कैबिनेट के इस फैसले पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

वहीं विपक्ष को बैठे बिठाए सरकार को घेरने के लिए एक और मुद्दा मिल गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। प्रीतम सिंह का आरोप है कि सरकार शराब माफिया को संरक्षण देने के लिए अपने निर्णय से पलट गई है।

अब इस शराब पर संग्राम अभी थमता नहीं दिख रहा है सरकार इस फैसले से अपनों के ही निशाने पर है। इससे पहले भी शराब को लेकर पहाड़ में जो कुछ हो चुका है वो सभी के सामने है और अब एक बार फिर सरकार शराब को लेकर अपनों के साथ विपक्ष के निशाने पर है।


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